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‘पावस बनकर ढलना होगा’ का आशय स्पष्ट कीजिए।

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पावस प्रकृति का परोपकारशीलता का रूप है। बादल सबका भला करने की भावना से बरसते हैं। पावस का उदाहरण देने में कवि का आशय देश के युवकों को बादल की तरह बनने का संदेश देना है। कवि चाहते हैं कि हमारे युवक अपने स्वार्थ भूलकर देश के पीड़ितों की पीड़ा दूर करने में लग जाएं। वे बिना किसी आकांक्षा के अपने जीवन को देश पर न्योछावर कर दें।



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