Saved Bookmarks
| 1. |
पद्यांश:अति मलीन वृषभानु कुमारी।हरि श्रम जल भीज्यौ उर अंचल, तिहि लालच न धुवावतिसारी।।अध मुख रहति, अनत नहिं चितवति, ज्यौ गथ हारे थकितजुवारी।छूटे चिकुर बदन कुम्हिलाने, ज्यौं नलिनी हिमकर की मारी।। |
Answer» YAE KON sa GANA hai ????????? |
|