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फूलों ने अभिमान से भर कर क्या कहा था? |
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Answer» फूलों ने अभिमान से भर कर कहा था कि उनके विकास में पत्तियों का कोई योगदान नहीं था। वे तो स्वयं खुले थे; फले थे और फूले थे। उन्होंने स्वयं ही रंग-रस पाया था। उनके यश को भँवरों ने गाया था और उनकी सुगंध दूर-दूर तक फैली थी। |
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