1.

फूलों से सजावट किस प्रकार की जाती है? इसमें किन-किन बातों का ध्यान रखा जाता है? या गृह-सज्जा में पुष्प-सज्जा के महत्त्व को लिखिए।

Answer»

पुष्प-सज्जा के प्रकार

फूलों द्वारा घर की सजावट निम्नलिखित दो प्रकार से की जा सकती है

(1) बाह्य सजावट-घर के आगे और पीछे दोनों ओर खाली भूमि में पुष्प वाले पौधे उगाए जा सकते हैं। पुष्प वाले पौधों के अतिरिक्त साज-सज्जा वाले पौधे; जैसे-कैक्टस, क्रोटन, कोलियस, रबर-प्लाण्ट इत्यादि; रिक्त भूमि व गमलों में लगाए जा सकते हैं। दीवारों एवं खिड़कियों आदि से लगी हुई अनेक प्रकार की आकर्षक बेलें; जैसे-बोगेनवेलिया, रेलवे-क्रीपर, सतावर आदि; उगाई जा सकती हैं।

(2) आन्तरिक सजावट-घर के अन्दर की सजावट बोतलों, गिलासों, डिब्बों और विशेष रूप से विभिन्न आकार एवं प्रकार के फूलदानों में पुष्प लगाकर की जाती है। पुष्प युक्त पौधों को भी गमलों सहित कभी-कभी ड्राइंग-रूम में रख दिया जाता है।
पुष्प-सज्जा की विभिन्न शैलियाँ

⦁    परम्परागत देशी शैली–इससे विभिन्न रंगों, आकार एवं प्रकार के पुष्पों का गुलदस्ता बनाकर किसी पात्र अथवा फूलदान में लगाया जाता है। इसमें फूलों व फूलदान के रंगों व आकार पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है।
⦁    विदेशी शैली—इसमें पुष्पों को विदेशी ढंग से सजाया जाता है। इस प्रकार की पुष्प-व्यवस्था में अनियमित सन्तुलन पर बल दिया जाता है। इसमें सन्तुलन की व्यवस्था 3, 5, 7, 9 फूलों से की जाती है और तीन टहनियों का प्रयोग होता है। पुष्प-सज्जा की इस शैली को इकेबाना कहा जाता है तथा यह मूल रूप से एक जापानी शैली है।।
⦁    आधुनिक शैली—यह उपर्युक्त दोनों शैलियों का मिश्रित रूप है। इस शैली के अन्तर्गत पुष्पों को परम्परागत शैली के अनुसार गुलदस्ते के रूप में न बाँधकर पिन होल्डर की सहायता से पात्रे में लगाया जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
⦁    फूलों को सदैव प्रात:काल अथवा सूर्यास्त होने पर काटना चाहिए।
⦁    फूलों को काटकर पानी से नम बनाए रखना चाहिए। ऐसा करने से फूल अधिक समय तक ताजा रहते हैं।
⦁    फूलों को तोड़ना नहीं चाहिए। इन्हें कैंची या छुरी से काटना चाहिए।
⦁     फूलदान में पानी इतना रहना चाहिए कि फूलों की टहनियाँ इसमें डूबी रहें।
⦁     फूलदान अथवा अन्य पुष्प पात्रों को समय-समय पर साफ करके चमकाना चाहिए।
⦁     फूलों को उनकी पत्तियों के साथ फूलदान में लगाना चाहिए। इससे स्वाभाविकता दिखाई पड़ती है।
⦁    फूलों को मौसम के अनुसार सजाना चाहिए।
⦁     पानी में नमक डालने से पुष्प देर से मुरझाते हैं।
 
गृह–सज्जा में पुष्प-सज्जा का महत्त्व गृह-सज्जा के सन्दर्भ में पुष्प-सज्जा का विशेष महत्त्व है। फूल सुन्दरता के प्रतीक तथा गृह-सज्जा के प्रकृति-प्रदत्त साधन हैं। फूलों का सौन्दर्य बच्चों, बूढ़ों तथा स्त्री-पुरुष सभी के लिए विशेष आकर्षक होता है। एक कवि बिशप कॉक्स ने कहा है, “पुष्प ऐसी भाषा है, जिसे एक बच्चा भी समझता है।” फूलों से वातावरण में ताजगी, उल्लास एवं उत्साह का संचार होता है। फूल वातावरण की नीरसता को समाप्त करते हैं। फूल व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव डालते हैं। फूलों के इन बहुपक्षीय लाभों एवं अद्वितीय सौन्दर्य के कारण गृह-सज्जा में इन्हें विशेष महत्त्व दिया गया है। रट के शब्दों में, “एक चिन्तित और दु:खी व्यक्ति को पुष्प-व्यवस्था से अपने दुःखों से छुटकारा तथा तसल्ली मिलती है।”



Discussion

No Comment Found