1.

पिऊ वियोग अस बाउर जीऊ। पपिहा निति बोले-बोले पिउ-पीऊ॥अधिक काम दाधै सौ रामा। हरि लेई सुआ गएअ पिउ नामा ॥विरह बान तस लागन डोली। रकत पसीज, भीजि गइ चोली ॥सूख हिया, हार भा भारी। हरे-हरे प्रान तजहिं सब नारी ॥खन एक आव पेट महँ साँसा। खनहिं जाइ, जिउ, होइ निरासा ॥पवन डोलावहि, सोचहिं चोला। पहर एक समझाहि मुख बोला ॥प्रान प्रयान होत को राखा। को सुनाव पीतम कै भाखा ॥आहि जो मारै विरह कै, आगि उठै तेहि लागि ॥हँस जो रहा सरीर महँ, पाँख जरा, गा भागि ॥​

Answer»

EXPLANATION:

what is QUESTION . PLEASE GIVE me



Discussion

No Comment Found