1.

पंक्तियाँ पढिए । भाव बताइए।अपना किसी से वैर न समझो,जग में किसी को गैर न समझो।आप पढ़ो, औरों को पढ़ाओ,घर-घर ज्ञान की जोत जलाऔ ।।

Answer»

हे भारत माँ के आँखों के तारों, नन्हें और मुन्ने लाडले पुत्रों, जिस प्रकार मैं ने तुम सबको सुसज्जित किया है। उसी प्रकार तुम सब देश को अलंकृत करें ।

आप किसी से वैर या शत्रु भावना न समझो | इस दुनिया के किसी को नये न समझो । आप पढ़कर औरों (दूसरों) को भी पढ़ाइए । घर-घर में ज्ञान ज्योति को जलाइए।



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