Saved Bookmarks
| 1. |
प्रातःकालीन आकाश के रंग को व्यक्त करने के लिए कवि ने किन-किन उपमानों का प्रयोग किया है? लिखिए। |
|
Answer» कवि ने निरंतर रंग बदलते प्रातः कालीन आकाश के लिए भिन्न-भिन्न और उपयुक्त उपमान चुने हैं। सर्वप्रथम कवि उसके लिए बहुत नीले शंख’ उपमान का प्रयोग करता है। इसके पश्चात् भोर के नभ को गीली राख के रंग वाला बताता है। इसके लिए उसने ‘राख से पुते चौके’ को उपमान बताया है। तीसरा उपमान ‘बहुत काली सिल जरा-से लाल केसर से धुली’, चौथा उपमान आकाश के स्लेटी रंग के लिए है, ‘स्लेट पर या लाल खड़िया चाक मल दी हो’ और अंतिम उपमान नीलजल’ चुना है। |
|