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प्रदूषण के चार प्रकार बताइए। |
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Answer» वैज्ञानिकों ने प्रदूषण के पाँच प्रकार बताये हैं, जिनमें से चार निम्नलिखित हैं 1. वायु-प्रदूषण – वायु जीवन का एक प्रमुख तत्त्व है, जो सभी प्राणियों और वनस्पतियों के जीवन के लिए परम आवश्यक है। वायुमण्डल में हाइड्रो-कार्बनिक गैसों, विषैले धूलकणों तथा कल-कारखानों से निकलने वाले धुएँ के कारण जब वायु में हानिकारक तत्त्व बढ़ जाते हैं तो वायु का प्राकृतिक सन्तुलन बिगड़ जाता है। इसे वायु-प्रदूषण कहते हैं। 2. जल-प्रदूषण – अनेक भौतिक, प्रौद्योगिक तथा मानवीय कारणों से जब जल का रूप प्राकृतिक नहीं रह जाता तथा उसमें गन्दे पदार्थों तथा विषाणुओं का समावेश हो जाता है, उसे जल-प्रदूषण कहते हैं। 3. ध्वनि-प्रदूषण – वातावरण में बहुत तेज और असहनीय आवाज से जो शोर उत्पन्न होता है, वही ध्वनि-प्रदूषण कहलाता है। शोर से उत्पन्न होने वाले इस प्रदूषण ने बड़े शहरों में। विकराल रूप धारण कर लिया है। मृदा-प्रदूषण-मृदा की रचना विभिन्न तरीके के लवण, गैस, खनिज पदार्थ, जल, चट्टानों एवं जीवाश्म आदि के मिश्रण से होती है। इन पदार्थों के अनुपात में जब हानिकारक परिवर्तन होने लगता है, तो उसी दशा को मृदा-प्रदूषण कहा जाता है। इसका मुख्य कारण। कीटनाशक दवाइयों और रासायनिक उर्वरकों का बढ़ता हुआ प्रयोग है। |
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