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Pripravash ka rachna cale cya hai |
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Answer» मूहv मस्तिष्क उद्वेलनv पात्र अभिनयv टोली शिक्षणभाषण व्यूह रचना अथवा व्याख्यान व्यूह रचना(LECTURE STRATEGY)जब अध्यापक अपने पाठ के विषय से संबंधित विचारों को स्पष्ट करने की कोई छोटी या लंबी व्याख्या का सहारा लेता है तो उसे भाषण विधि की संज्ञा दी जाती है। इस विधि को व्याख्यान विधि भी कहते हैं। वैसे तो व्याख्यान विधि कोई नई विधि नहीं है, परंतु वह परंपरागत प्रभुत्ववादी विधि है। अनेक विद्वानों के अनुसार भाषण विधि को स्थिति के अनुसार छोटा या लंबा किया जा सकता है। इसलिए भाषण विधि विद्यार्थियों को ज्ञान देने के लिए बहुत ही आसान विधि है, परंतु कुछ व्यक्ति इन विद्वानों के मत से असहमत हैं, क्योंकि वह ऐसा सोचते हैं कि भाषण विधि से ना तो छोटी कक्षाओं के विद्यार्थी कोई लाभ उठा सकते हैं और ना ही बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए यह प्रभावशाली है।भाषण विधि एकमार्गी विधि है, क्योंकि इस विधि के अंतर्गत केवल प्रस्तुतीकरण पर ही बल दिया जाता है। फलस्वरूप इस प्रक्रिया में अध्यापक तो सक्रिय रहता है, किंतु विद्यार्थी निष्क्रिय श्रोता ही बनकर रह जाता है। इस प्रकार कक्षा-कक्ष में अध्यापक और विद्यार्थियों के बीच होने वाली अंतः क्रिया समाप्त हो जाती है और कक्षा में नीरसता का साम्राज्य स्थापित हो जाता है। इस विधि के प्रयोग से विद्यार्थियों को अनुक्रियाओं के अवसर नहीं के बराबर मिल पाते हैं। इसके प्रयोग से विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए उपयुक्त प्रेरणा नहीं मिल पाती। इसके प्रयोग से शिक्षण कार्य भी कठिन हो जाता है। फलस्वरूप कक्षा-कक्ष में विद्यार्थी बोरियत अनुभव करने लगते हैं, जिससे वे कक्षा में या तो अनुशासनहीनता प्रदर्शित करेंगे या कक्षा से उठ कर चले जाएंगे। |
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