| 1. |
प्रश्न-10 सरदारीवबादशाहत में तीन अंतर बताइये। please help me |
|
Answer» sadrdari badshaht mainke मंगोल खलीफा की सत्ता को नहीं मानते थे। चंगेज खाँ के पौत्र हलाकू खाँ ने बगदाद के खलीफा की हत्या कर दी। मुगलों ने भी मंगोलों के प्रभाव में खलीफा की सत्ता को नकार दिया। मुगल शासकों ने अपने को खलीफा घोषित किया। अपनी विदेश नीति की बाध्यता के कारण भी मुगलों ने अपने को खलीफा घोषित किया। बादशाह और सुल्तान में अंतर- सुल्तान अपने से ऊपर खलीफा की सत्ता को मानते थे, जबकि बादशाह अपने को खलीफा मानते थे। बाबर ने अपने को बादशाह या पादशाह घोषित किया था। अकबर के समय राजत्व का भारतीयकरण भी हुआ। अकबर अपने सम्मुख चक्रवर्ती सम्राट् की अवधारणा रखता था। वह अवधारणा भारतीय परंपरा पर आधारित थी। अबुल फजल ने राजत्व को फर्र-ए-इज्दी (दैवी प्रकाश) कहा है जो देवता से निकलता है और सीधे राजा पर पड़ता है। जहाँगीर ने अकबर के सुलह-ए-कुल की नीति को बनाये रखा और शाहजहाँ ने भी कुछ हद तक इसका अनुशरण किया किन्तु औरंगजेब ने इसे उलट दिया। औरंगजेब का घोषित उद्देश्य दर-उल-हर्ब (मूर्ति पूजक का देश) को दर-उल-इस्लाम (इस्लाम का देश) बनाना था। औरंगजेब विचार, व्यवहार और कार्य में अकबर के विपरीत था। |
|