| 1. |
पृष्ठ संख्या 122 पर नेहरू जी ने कहा है कि-"हम भविष्य की उस 'एक दुनिया' की तरफ़ बढ़ रहे हैं जहाँ राष्ट्रीय संस्कृतियाँ मानव जाति की अंतरराष्ट्रीय संस्कृति में घुलमिल जाएँगी।" आपके अनुसार उस ‘एक दुनिया में क्या-क्या अच्छा है और कैसे-कैसे खतरे हो सकते हैं? |
|
Answer» ंख्या 122 पर नेहरू जी ने कहा है कि-"हम भविष्य की उस 'एक दुनिया' की तरफ़ बढ़ रहे हैं जहाँ राष्ट्रीय संस्कृतियाँ मानव जाति की अंतरराष्ट्रीय संस्कृति में घुलमिल जाएँगी।" मेरे अनुसार उस ‘एक दुनिया ‘ में सब मिलकर रहेंगे; ‘विश्व बंधुत्व’ की भावना का प्रसार होगा; सब सुखी होंगे। एक दूसरे की सहायता करते हुए वे प्रगति के पथ पर बढ़ेंगे। आपस में समझदारी बढ़ेगी। ज्ञान का आदान-प्रदान होने से सभी शिक्षित होंगे। इस ‘एक दुनिया’ में सबसे बड़ा खतरा यह होगा कि सभी संस्कृतियों के एक अंतरराष्ट्रीय संस्कृति में घुल मिल जाने से राष्ट्र विशेष की संस्कृति नष्ट हो जाएगी। इससे अपना अस्तित्व विलीन हो जाएगा और हम एक समूह बनकर रह जाएंगे। आशा है कि यह उत्तर आपकी मदद करेगा।।।। इस पाठ से संबंधित कुछ और प्रश्न: सार्वजनिक काम राजा की मर्ज़ी के मोहताज नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के कर��े को तैयार हो जाते हैं? brainly.in/question/17210351 गाँधी जी के दक्षिण अफ्रीका से लौटने पर निम्नलिखित में किस तरह का बदलाव आया, पता कीजिए- (क) कांग्रेस संगठन में। (ख) लोगों में - विद्यार्थियों, स्त्रियों, उद्योगपतियों आदि में। (ग) आज़ादी की लड़ाई के तरीकों में। (घ) साहित्य, संस्कृति, अखबार आदि में। brainly.in/question/3195372 |
|