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प्रथामेंचेहरा खिलकठनामधारी सिंह दिनकर​

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tion:शहर चुनेंकाव्य इरशाद शख़्सियत मेरे अल्फाज़ हाइकु मेरे अज़ीज़ फिल्मी नग़मे मेरा शहर मेरा शायर मुड़ मुड़ के देखता हूं हास्य काव्य चर्चा इस हफ्ते की किताब विश्व काव्य वायरल मैं इनका मुरीद हलचल कैंपस शायरीHome › Kavya › Irshaad › Ramdhari Singh Dinkar Hindi Kavita On Caste System'शरमाते हैं नहीं जगत् में जाति पूछने वाले' से दिनकर का जाति-प्रथा पर करारा प्रहारअमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली Updated Tue, 02 Jul 2019 04:26 PM IST विज्ञापनRamdhari singh dinkar hindi kavita on caste systemAU Plusविज्ञापन मुक्त विशिष्ट अनुभव के लिए अमर उजाला प्लस के सदस्य बनेंSubscribe Nowफिरा कर्ण, त्यों 'साधु-साधु' कह उठे सकल नर-नारी,विज्ञापनराजवंश के नेताओं पर पड़ी विपद अति भारी।द्रोण, भीष्म, अर्जुन, सब फीके, सब हो रहे उदास,एक सुयोधन बढ़ा, बोलते हुए, 'वीर! शाबाश!'द्वन्द्व-युद्ध के लिए पार्थ को फिर उसने ललकारा,अर्जुन को चुप ही रहने का गुरु ने किया इशारा।कृपाचार्य ने कहा- 'सुनो हे वीर युवक अनजान'भरत-वंश-अवतंस पाण्डु की अर्जुन है संतान।'क्षत्रिय है, यह राजपुत्र है, यों ही नहीं लड़ेगा,जिस-तिस से हाथापाई में कैसे कूद पड़ेगा?अर्जुन से लड़ना हो तो मत गहो सभा में मौन,नाम-धाम कुछ कहो, बताओ कि तुम जाति हो कौन?''जाति! हाय री जाति !' कर्ण का हृदय क्षोभ से डोला,कुपित सूर्य की ओर देख वह वीर क्रोध से बोला'जाति-जाति रटते, जिनकी पूँजी केवल पाषंड,मैं क्या जानूँ जाति ? जाति हैं ये मेरे भुजदंड।'ऊपर सिर पर कनक-छत्र, भीतर काले-के-काले,शरमाते हैं नहीं जगत् में जाति पूछनेवाले।सूत्रपुत्र हूँ मैं, लेकिन थे पिता पार्थ के कौन?साहस हो तो कहो, ग्लानि से रह जाओ मत मौन।'मस्तक ऊँचा किये, जाति का नाम लिये चलते हो,पर, अधर्ममय शोषण के बल से सुख में पलते हो।अधम जातियों से थर-थर काँपते तुम्हारे प्राण,छल से माँग लिया करते हो अंगूठे का दान। ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट्स के लिए सब्सक्राइब करेंविज्ञापनramdhari singh dinkar रामधारी सिंह दिनकरRecommendedKavya Charchaजनकवि बाबा नागार्जुन की चुनी हुई कविताओं के अंश5 नवंबर 2019Main INKA Mureedबाबा नागार्जुन मतलब- जन कवि हूं मैं साफ कहूंगा क्यों हकलाऊं...5 नवंबर 2019ZEE5 MOVIE REVIEWExpiry Date on ZEE5: इस मर्डर मिस्ट्री ने जीता दर्शकों का दिल, भरोसा टूटने के बाद के भूचाल की दस्तकKavya Charchaआज के टॉप 4 शेर2 जुलाई 2019AU Plus IconNEXT© 2017-2020 Amar Ujala LimitedElection



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