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Answer» बैंकों के राष्ट्रीयकरण के प्रथम चरण के अन्तर्गत 19 जुलाई, 1969 ई० को निम्नलिखित 14 ऐसे बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया, जिनकी जमाराशि ₹50 करोड़ या उससे अधिक थी ⦁ सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, ⦁ बैंक ऑफ इण्डिया, ⦁ पंजाब नेशनल बैंक, ⦁ बैंक ऑफ बड़ौदा, ⦁ यूनाइटेड कॉमर्शियल बैंक, ⦁ कैनरा बैंक, ⦁ यूनाइटेड बैंक ऑफ इण्डिया, ⦁ देना बैंक, ⦁ यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, ⦁ इलाहाबाद बैंक, ⦁ सिण्डीकेट बैंक, ⦁ इण्डियन ओवरसीज बैंक, ⦁ इण्डियन बैंक तथा ⦁ बैंक ऑफ महाराष्ट्र। इन चौदह बैंकों की सम्पूर्ण सम्पत्ति, कोष, दायित्व आदि सरकारी अधिकार में आ गये। इनके अतिरिक्त राष्ट्रीयकरण के द्वितीय चरण में 15 अप्रैल, 1980 ई० को अन्य 6 बड़े अनुसूचित बैंकों का भी राष्ट्रीयकरण किया गया। इस राष्ट्रीयकरण के निर्णय से ऐसे बैंक ही प्रभावित हुए जिनका कारोबार 14 मार्च, 1980 ई० को ₹ 200 करोड़ या उससे अधिक था। राष्ट्रीयकृत 6 बड़े अनुसूचित बैंकों के नाम निम्नलिखित हैं ⦁ आन्ध्र बैंक लिमिटेड, ⦁ कॉर्पोरेशन बैंक लिमिटेड, ⦁ न्यू बैंक ऑफ इण्डिया, ⦁ ओरियण्टल बैंक ऑफ कॉमर्स, ⦁ पंजाब एण्ड सिन्ध बैंक तथा ⦁ विजया बैंक। इस प्रकार कुल राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या 20 हो गयी। विगत वर्षों से चली आ रही निरन्तर हानि के कारण 4 सितम्बर, 1993 ई० को न्यू बैंक ऑफ इण्डिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय कर दिया गया। परिणामस्वरूप अब राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या 19 ही रह गयी है।
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