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रास्ते के गाँववालों का पशुचारकों के जीवन में क्या स्थान है? |
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Answer» गाँवालों से पशुचारकों का लेन-देन होता रहता है। वे जानवर, दुर्लभ हिमालय जड़ी व औषधियाँ बेचते हैं। इन गाँववालों से उनका सदियों का रिश्ता है। इसलिए उधार में भी व्यापार चलता है। अगले साल ठंड के मौसम में इसकी वसूली की जाती है। |
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