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Ras ke prakar ke udaharan?class 10 grammar

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ंगार रस -यह 2 प्रकार का होता है-1. संयोग श्रृंगार-उदाहरण---मेरे तो गिरधर गोपाल दुसरो न कोईजाके तो गिरिधर गोपाल दूसरो न कोई।2. वियोग श्रृंगार-उदाहरण---हे खग मृग हे मधुकर श्रेणीतुम देखि सीता मृग नैनी।2)हास्य रस-=उदाहरण--चींटी चढ़ी पहाड़ पे मरने के वास्तेनीचे खड़े कपिल देव केंच लेने के वास्ते।3)करुण रस --उदाहरण---दुःख ही जीवन की कथा रहीक्या कहूँ आज जो नही कही।4)रौद्र रस--उदाहरण---अस कहि रघुपति चाप  चढ़ावा,यह मत लछिमन के मन भावा।संधानेहु प्रभु बिसिख कराला,उठि ऊदथी उर अंतर ज्वाला।5) वीर रस--उदाहरण--चमक उठी सन सत्तावन में वो तलवार पुरानी थी,बुंदेलों हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी।6) भयानक रस--उदाहरण---लंका की सेना कपि के गर्जन रव से काँप गई,हनुमान के भीषण दर्शन से विनाश ही भांप गई।7) वीभत्स रस---उदाहरण----कोउ अंतडिनी की पहिरि माल इतरात दिखावट।कोउ चर्वी लै चोप सहित निज अंगनि लावत।8) अद्भुत रस--उदाहरण---कनक भूधराकार सरीरासमर भयंकर अतिबल बीरा।9)शांत रस--उदाहरण---मेरो मन अनत सुख पावेजैसे उडी जहाज को पंछी फिर जहाज पे आवै।10) वात्सल्य रस---उदाहरण---मैया मोरी दाऊ ने बहुत खिजायो।मोसों कहत मोल की लीन्हो तू जसुमति कब जायो।Hope it HELPS ✌✌ PLEASE MARK it as BRAINLIEST.....



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