⦁ आश्रयदाताओं की अतिशयोक्तिपूर्ण प्रशंसा।⦁ श्रृंगार और वीर रस की प्रधानता।⦁ रीतिकाल की कविता का प्रमुख स्वर श्रृंगार का था।⦁ रीतिकाल के कवियों ने नारी को भोग्या रूप में प्रस्तुत किया।
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