1.

रस्सी कच्चे धागे की , खींच रही मैं नाव । जाने कब सुन मेरी पुकार , करें देव भवसागर पार । पानी टपके कच्चे सकोरे , व्यर्थ प्रयास हो रहे मेरे । जी में उठती रह - रह हूक , घर जाने की चाह है घेरे । 1.कवयित्री द्वारा प्रभु प्राप्ति के लिए किए गए प्रयास क्यों व्यर्थ हो रहें है ? 2. जीवन रूपी भवसागर पार करने के लिए कवयित्री ने क्या आवश्यक बताया ? 3 . कवयित्री के मन में बार - बार हुक क्यों उठती है ?​

Answer»

The ANSWER is here only i GIVE you answer PF que. 1 and 3please give me ❤️❤️❤️❤️like I hope i help you to in this questions.



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions