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Sapta ka batwara kyon avashyak Hai

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HEYA mate

u MEAN sattah

हमारे देश में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है। इसलिए भारत के नागरिक प्रत्यक्ष मताधिकार का प्रयोग करके अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। उसके बाद चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा एक सरकार का चुनाव किया जाता है। फिर चुनी हुई सरकार अपने विभिन्न कर्तव्यों का पालन करती है, जैसे रोजमर्रा का शासन चलाना, नये नियम बनाना, पुराने नियमों का संशोधन करना, आदि।

हमारे देश में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था है। इसलिए भारत के नागरिक प्रत्यक्ष मताधिकार का प्रयोग करके अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। उसके बाद चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा एक सरकार का चुनाव किया जाता है। फिर चुनी हुई सरकार अपने विभिन्न कर्तव्यों का पालन करती है, जैसे रोजमर्रा का शासन चलाना, नये नियम बनाना, पुराने नियमों का संशोधन करना, आदि।लोकतंत्र में जनता ही हर तरह की राजनैतिक शक्ति का स्रोत होती है। यह लोकतंत्र का एक मूलभूत सिद्धांत है। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में लोग स्वराज की संस्थाओं द्वारा अपने आप पर शासन करते हैं। ऐसी व्यवस्था में समाज के विभिन्न समूहों और मतों को उचित सम्मान मिलता है। जन नीतियों का निर्माण करते समय हर नागरिक की आवाज सुनी जाती है। इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि राजनैतिक सत्ता का बँटवारा संभवत: अधिक से अधिक नागरिकों के बीच हो।

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सत्ता की साझेदारी की आवश्यकता

सत्ता की साझेदारी की आवश्यकतासमाज में सौहार्द्र और शांति बनाये रखने के लिये

सत्ता की साझेदारी की आवश्यकतासमाज में सौहार्द्र और शांति बनाये रखने के लियेबहुसंख्यक के आतंक से बचने के लिये

सत्ता की साझेदारी की आवश्यकतासमाज में सौहार्द्र और शांति बनाये रखने के लियेबहुसंख्यक के आतंक से बचने के लियेलोकतंत्र की आत्मा का सम्मान रखने के लिये

सत्ता की साझेदारी की आवश्यकतासमाज में सौहार्द्र और शांति बनाये रखने के लियेबहुसंख्यक के आतंक से बचने के लियेलोकतंत्र की आत्मा का सम्मान रखने के लियेऊपर दिये गये पहले दो कारण हैं, समझदारी भरे कारण, और अंतिम कारण है सत्ता की साझेदारी का नैतिक कारण।

Plzz MARK as brainlist



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