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शेखर के मन में विदेशी मात्र के प्रति घृणा क्यों हो गई थी?

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महात्मा गांधी ने देश में असहयोग आंदोलन शुरू किया था। चारों तरफ स्वदेशी की हवा बहने लगी थी। शेखर के मन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा था। वह गांधीजी के प्रति अपार श्रद्धा रखता था। गांधीजी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का आग्रह करते थे। विदेशी वस्तुएं देश की पराधीनता की प्रतीक बन गई थी। इसलिए शेखर के मन में भी विदेशी मात्र के प्रति घृणा हो गई थी।



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