Saved Bookmarks
| 1. |
‘शीतल वाणी में आग’-के होने का क्या अभिप्राय है? |
|
Answer» अभिप्राय है कि कवि की वाणी (कविता) यद्यपि से हृदय को शांति और शीतलता प्रदान करने वाली है किन्तु उसमें प्रियतम के विरह में व्याकुल कवि के हृदय की वेदनारूपी आग भी सुलगती रहती है। इसे केवल कवि ही जानता है। |
|