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सनिम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर दीजिए : यानी बुआ का चरित्र - चित्रण कीजिए । |
| Answer» सयानी बुआ समय की बेहद पाबन्द महिला है उनके परिवार का सारा कामकाज बया की बनाई गई समय - सारिणी के अनुसार होता है । बुआ अपने परिवार के सदस्यों से बड़ी कठोरता के साथ उस समय - सारिणी का पालन करवाती है उनका व्यक्तित्व पूरे परिवार पर हावी है उनके खिलाफ बोलने की किसी को हिम्मत नहीं पड़ती सायानी बुआ जितनी समय की पाबन्द है उतनी ही कुशल अपनी वस्तुओ का उपयोग करने और उनको संभालकर व्यवस्थित रूप से रखने में है उनकी गृहस्थी जमे पंद्रह वर्ष हो चुके है पर उनके घर का साज - सामान देखकर लगता है जैसे सब कुछ कल का ही हो। अपनी किसी भी चीज का टूट जाना उनसे बरदाश्त नहीं होता । तोड़ - फोड़ से उन्हें सख्त नफ़रत है एक बार नौकर से सुराही टूट गई थी तो उन्होंने उसे इस कसूर पर बहुत पीटा था । बुआ जी को अपने घर की व्यवस्था और साज-सजावट पर गर्व है वे मानती है कि उनके बिना घर को इतना व्यवस्थित कोई नहीं रख सकता । जो बेटी उनके भय से उनके सामने कुछ बोल नहीं सकती उसकी बीमारी उन्हें व्याकुल कर देती है । उन्हें दुःख है कि उसकी देखभाल के लिए वे उसके साथ पहाड़ पर नहीं जा सकती । तीन दिन तक उसका समाचार न मिलने पर वे बेहाल हो जाती है । पत्र मिलने पर अन्नू के चल बसने की गलतफहमी से वे फुट - फूटकर रो पड़ती है । अतः में अन्नू के सकुशल होने की बात जानने पर वे खिलखिलाकर हँस पड़ती है । इस ख़ुशी में वे कीमती प्याले के टूट जाने की भी परवाह नहीं करती है । सचमुच सयानी बुआ उस नारियल फल के समान है, जो ऊपर से कठोर, भीतर से कोमल होता है । | |