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संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :दूरदर्शिता या बुद्धिमता का ख्याल (Predence Concept).

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दूरदर्शिता या बुद्धिमता का ख्याल (Predence Concept) : हिसाब लिखते समय तथा वित्तीय पत्रक तैयार करते समय लेखाकार बुद्धिमता या बुद्धिचातुर्य या दूरदर्शिता के ख्याल को ध्यान में . रखता है । वास्तव में व्यवसाय की जो भी परिस्थिति हो उससे अलग लाभ या हानि या संपत्ति की स्थिति दर्शाना वह योग्य नहीं है । जो भी परिस्थिति हो उससे अधिक अच्छी हो या उससे अधिक खराब परिस्थिति नहीं बतानी चाहिए ।

दूरदर्शिता के ख्याल के आधार पर बुद्धिमता या बुद्धिचातुर्य से जानकारी की प्रस्तुती से परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ती है । इस वित्तीय पत्रकों का उपयोग करनेवाले को लंबे समय तक उसके हित की रक्षा होती है । इस प्रकार बुद्धिमता का ख्याल अस्तित्व में आता है । इस ख्याल के अनुसार संभवित आय या लाभ को ध्यान में नहीं लिया जाता परंतु संभवित हानि को ध्यान में लिया जाता है । इस सिद्धांत के आधार पर लेखाकार उपज का कम अंदाज और खर्च के दायित्व का अधिक अंदाज दर्शाकर सुरक्षित मार्ग का अनुसरण करता है । अनिश्चितता के सामने काम पूरा करने के लिये यह एक उत्तम मार्ग है और इसके द्वारा लेनदारों के हित का उचित रक्षण भी होता है ।

इस सिद्धांत की सीमा यह है कि इस सिद्धांत के उपयोग द्वारा जरूरी रकम से अधिक रकम का प्रावधान करके संपत्तियों का मूल्य संभव उतना कम दर्शाया जाये या अधिक खर्च दर्शाकर लाभ कम दर्शाने का दृष्टिकोण अपनाया जाये तब गुप्त अनामत उपस्थित होती है जो कानूनी दृष्टि से उचित नहीं है ।

बुद्धिमता के दो अंग निम्न अनुसार प्रस्तुत किये जा सकते है :

  1. खर्च या हानि तभी संपादित गिनी जायेगी जब उसके संबंध में योग्य संभावना हो ।
  2. आय तथा लाभ को तभी संपादित गिना जायेगा जब वह प्राप्त होगा ही ऐसी निश्चितता हो ।


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