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संस्कृति एवं सभ्यता के चार अन्तर बताइए। |
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Answer» संस्कृति एवं सभ्यता के चार अन्तर निम्नलिखित हैं 1. सभ्यता की माप सरल है, पर संस्कृति की नहीं – क्योंकि सभ्यता का सम्बन्ध भौतिक वस्तुओं की उपयोगिता से है। संस्कृति की माप सम्भव नहीं है, क्योंकि प्रत्येक समाज में अपनी मूल्य-व्यवस्था होती है तथा मूल्यों में भिन्नता का कोई सर्वमान्य पैमाना नहीं जिसके आधार पर संस्कृति को मापा जा सके। 2. सभ्यता सदैव आगे बढ़ती है, किन्तु संस्कृति नहीं – सभ्यता उन्नतिशील होती हैं और वह एक दिशा में निरन्तर प्रगति करती है, जब तक उसके मार्ग में बाधा न आये। संस्कृति के बारे में यह बात नहीं कही जा सकती। उदाहरणार्थ-हम यह नहीं कह सकते कि कालिदास के नाटक आज के नाटकों से अच्छे हैं या बुरे। 3. सभ्यता साधन है, जब कि संस्कृति साध्य – संस्कृति से मानव को सन्तुष्टि प्राप्त होती है। संस्कृति को प्राप्त करना अपने आप में एक उद्देश्य, एक साध्य है। इस संस्कृति और साध्य को अपनाने के लिए, सभ्यता का साधने के रूप में प्रयोग किया जाता है। उदाहरणार्थ-संगीत का आनन्द प्राप्त करने के लिए विभिन्न उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। 4. सभ्यता बाह्य है, जब कि संस्कृति आन्तरिक – सभ्यता का सम्बन्ध जीवन की भौतिक वस्तुओं से है, जिनका अस्तित्व मूर्त रूप में मानव अस्तित्व के बाहर है। संस्कृति का सम्बन्ध मानव के आन्तरिक गुणों से है, उसके विचारों, विश्वासों, मूल्यों, भावनाओं एवं आदर्शो से है। |
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