Saved Bookmarks
| 1. |
संवहन धारा सिद्धान्त क्या है? |
|
Answer» पृथ्वी के मैंटल में स्थित रेडियोएक्टिव तत्त्वों में ताप-भिन्नता के कारण संवहन धाराएँ प्रवाहित होती रहती हैं। 1930 के दशक में आर्थर होम्स ने सबसे पहले इन संवहन धाराओं की उपस्थिति तथा इनके चक्रीय प्रवाह की सम्भावनाएँ व्यक्त की थीं। होम्स ने ही महाद्वीप व महासागरों के वितरण और पर्वतों के निर्माण के सम्बन्ध में संवहन धारा सिद्धान्त को प्रतिपादन किया था। यह सिद्धान्त पर्वतों, महाद्वीप तथा महासागरों की उत्पत्ति एवं इनके वितरण की वैज्ञानिक व्याख्या करता है तथा अपने से पूर्व के सभी सिद्धान्तों से अधिक मान्य है। |
|