Home
About Us
Contact Us
Bookmark
Saved Bookmarks
Current Affairs
General Knowledge
Chemical Engineering
UPSEE
BSNL
ISRO
BITSAT
Amazon
ORACLE
Verbal Ability
→
General Awareness
→
IIT JEE in General Awareness
→
सरल आवर्त गति का समीकरण `y=2sin200pit` दोलन की आवृ...
1.
सरल आवर्त गति का समीकरण `y=2sin200pit` दोलन की आवृत्ति का मान क्या है?
Answer» Correct Answer - 100 हर्टस
Show Answer
Discussion
No Comment Found
Post Comment
Related InterviewSolutions
किसी अंतरिक्ष प्रोयोगशाला में , जो पृथ्वी के चारो ओर पृथ्वी - तल स `3R_e` ऊंचाई पर अपनी कक्षा में घूम रही है , एक सेकण्ड लोलक को रखा गया , जहाँ `R_e` पृथ्वी की त्रिज्या है इस लोलक का आवर्तकाल होगाA. शून्यB. `2sqrt3` सेकण्डC. 4 सेकण्डD. अनंत
m द्रव्यमान का एक कण X-अक्ष पर मूलबिंदु के परितः दोलन कर रहा है इसकी स्थितिज ऊर्जा `U(x)=k|x|^3` है जहाँ K एक धन नियतांक है यदि दोलन का आयाम a है तब इसका आवर्तकाल T :A. `1//sqrta` के अनुक्रमानुपाती हैB. a पर निर्भर नहीं हैC. `sqrta` के अनुक्रमानुपाती हैD. `a^(3//2)` के अनुक्रमानुपाती है
x-अक्ष पर चलते एक कण की स्थिति का समीकरण है, `x=2.0cos[50pit+tan^(-1)(0.75)` जहाँ सेटीमीटर में तथा। सेकंड में है। गति।= 0 समय पर प्रारंभ की जाती है। किस समय पर (a) कण पहली बार विराम में आता है, (b) पहली बार कण के त्वरण का मान अधिकतम होता है, (c) कण दूसरी बार विराम की स्थिति में आता है?
एक कण एक सरल रेखा में सरल आवर्त गति से गतिमान है यह विरामवस्था से प्रारम्भ कर प्रथम `tau` सेकण्ड में दूरी a और `tau`सेकण्ड में दूरी 2a उसी दिशा में तय करता है तबA. गति का आयाम 3a हैB. दोलनों का आवर्तकाल `8 tau ` हैC. गति का आयाम 4a हैD. दोलनों का आवर्तकाल `6 tau ` है
अक्ष के अनुदिस गति करने के लिए स्वतंत्र कण की स्थितिज ऊर्जा सीमाओं `-oolexleoo` के अंतर्गत `U(x)=k[1-e^(-x^2]]` द्वारा दी जाती है जहाँ उपयुक्त विमाओ वाला धन-नियतांक है तबA. मूलबिंदु से दूर के बिन्दुओ पर कण अस्थायी संतुलन में हैB. x के किसी भी परिमित अशून्य मान के लिए , कण पर मूलबिंदु से दूर एक बल लगता हैC. यदि इसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा है तो इसकी न्यून्तम गतिज ऊर्जा k/2 मूलबिंदु पर हैD. x=0 से अल्प विस्थापनों के लिए , गति सरल आवर्त है
किसी कण की रेखीय सरल आवर्त गति का आयाम 3 सेमी है जब यह कण अपनी मध्य स्थिति से 2 सेमी दूरी पर होती हैफ़ तो उस समय इसके वेग का परिमाण , इसके त्वरण के बराबर होता है इस कण का आवर्तकाल ( सेकण्ड में ) हैA. `sqrt5/pi`B. `sqrt5/(2pi)`C. `(4pi)/sqrt5`D. `(2pi)/sqrt3`
कोणीय आवृत्ति `omega` से सरल आवर्त गांत बरते एक कण की स्थिति व चाल किसी समय t पर `x_0" तथा "v_0` है। समय `t+pi//omega` पर इस कण की स्थिति व चल होंगी, क्रमशA. `x_0" तथा "v_0`B. `-x_0" तथा "-v_0`C. `-x_0" तथा "v_0`D. `x_0" तथा "-v_0`
x-अक्ष पर चलते एक कग की यांत्रिक ऊर्जा `E=ax^2+bv^2` है, जहाँ a तथा b अचर है। कण की गतिA. सरल आवर्त गति नहीं हैB. कोणीय आवृत्ति `sqrt(a//b)` की सरल आवर्त गति हैC. आयाम `sqrt(E_0//a)` की सरल आवर्त गति हैD. अधिकतम चाल `sqrt(E//b)` की सरल आवर्त गति है
सरल आतर्त गति कर रहे किसी कण के लिए, त्वरण समानुपाती होता हैA. मध्य स्थिति से विस्थापन केB. मध्य स्थिति से दूरी केC. t = 0 से तय की गई दूरी केD. चाल के
एक समान घनत्व वाले एक गोले के व्यास के अनुदिश एक घर्षणरहित नली फिट की गई है (चित्र 21.Q2)। इस नली नें गोले की सतह से दूर, नली के एक किनारे के पास एक कम क रखकर छोड़ दिया जाता है। यह संपूर्ण संहित एक ऐसे स्थान पर है, जहाँ सिर्फ गोले का गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र है। गोले के फ्रेम से देखने पर कण की गति दिखाई देगी A. सरल आवर्तीB. परवलयिकC. सरल रेखा के अनुदिशD. आवर्ती
Reply to Comment
×
Name
*
Email
*
Comment
*
Submit Reply
Your experience on this site will be improved by allowing cookies. Read
Cookie Policy
Reject
Allow cookies