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ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिए:जब-जब जग ने कर फैलायेमैंने कोष लुटाया,रंक हुआ मैं निज निधि खोकर,जगती ने क्या पाया? |
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Answer» प्रसंग : प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘तुम गा दो, मेरा गान अमर हो जाए’ से लिया गया है जिसके रचयिता डॉ. हरिवंशराय बच्चन’ हैं। |
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