Saved Bookmarks
| 1. |
ससंदर्भ भाव स्पष्ट कीजिएःदुख दैन्य अश्रु दारिद्र्य धार-कर गए मुझे ही मनो-नीततूफान और इस आँधी में सुनवाने रज का जीव गीत। |
|
Answer» प्रसंग : प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ के ‘तुम आओ मन के मुग्ध मीत’ नामक कविता से ली गई हैं जिसके रचयिता डॉ. सरगु कृष्णमूर्ति हैं। |
|