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सूखा आपदा निवारण के प्रमुख उपाय लिखिए।

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सूखा आपदा निवारण के उपाय निम्नलिखित हैं

1. हरित पट्टियाँ- सड़क मार्गों के दोनों ओर 5 मीटर की चौड़ाई में हरित पट्टियों का विकास किया जाना चाहिए। हरित पट्टी कालान्तर में वर्षा की मात्रा में वृद्धि तो करती ही है, साथ ही यह वर्षा के जल को रिसकर भूतल के नीचे जाने में सहायक भी होती है। इसके परिणामस्वरूप कुओं, तालाबों आदि में जल-स्तर बढ़ जाता है और मानव-उपयोग के लिए अधिक जल उपलब्ध हो जाता है।

2. जल-संचय- वर्षा कम होने की स्थिति में जल आपूर्ति को बनाये रखने के लिए, जल को संचय करके रखना एक दूरदर्शी युक्ति है। जल का संचय बाँध बनाकर या तालाब बनाकर किया जा सकता। है। प्राकृतिक तालाबों का संरक्षण भी एक उत्तम उपाय है। इनमें जल का संचय भू-जल के स्तर को भी ” बढ़ाता है।

3. वर्षा-जल का संचय- वर्षा-जले का अधिकाधिक संचय किया जाना चाहिए। ग्रामीण एवं नगरीय | क्षेत्रों में प्रत्येक गृहस्वामी के द्वारा वर्षा-जल का संचय अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। यह जलसिंचन, पशुओं, मल-निकास आदि से सम्बद्ध कार्यों में प्रयुक्त किया जा सकता है। राजस्थान के एक गाँव ने इसी पद्धति को अपनाकर अपने तथा आसपास के गाँवों की जल-समस्या को दूर कर दिया है।

4. नदियों को आपस में जोड़ने से देश की विभिन्न सततवाहिनी नदियों को आपस में जोड़ने से उन क्षेत्रों में भी जल उपलब्ध किया जा सकता है, जहाँ वर्षा का अभाव रहा हो। भारत सरकार नदियों को जोड़ने की एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना अगस्त, 2005 ई० में प्रारम्भ कर चुकी है।

5. भूमि का उपयोग- सूखा सम्भावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, विशेषकर हरित पट्टी बनाने के लिए कम-से-कम 35% भूमि को आरक्षित कर दिया जाना चाहिए और इस भूमि पर अधिकाधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। हरित पट्टी बनाने के लिए वृक्षों एवं फसलों का चयन विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करना चाहिए।



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