Saved Bookmarks
| 1. |
स्वार्थ और परमार्थ मानव की दो प्रवृतियां हैं। हम अधिकतर कार्य अपने लिए करते हैं । 'पर' केलिएसर्वस्व बलिदान करना ही सच्ची मानवता है । यही धर्म है, यही पुण्य है । इसे ही परोपकार कहते हैं ।प्रकृति हमें निरंतर परोपकार का संदेश देती है । नदी दूसरों के लिए बहती है। वृक्ष जीवों को छाया तथाफल देने के लिए ही धूप,आंधी, बर्षा और तूफानों में अपना सबकुछ बलिदान कर देते हैं।प्रश्न (अ) सच्ची मानवता क्या है ?सर्वस्व बलिदान करना ही सच्पी मानवता है |
| Answer» | |