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“स्वराज्य प्राप्ति से बढ़कर है स्वराज्य की स्थापना के लिए भूमि तैयार करना, स्वराज्य की नींव का पथ्थर बनना।” |
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Answer» इमारत बनाने के पहले उसके लिए उचित भूमि का चयन है किया जाता है। फिर मजबूत नींव रखी जाती है। नींव जितनी मजबूत होगी, इमारत भी उतनी ही मजबूत होगी। इसी तरह स्वराज्य पाने के लिए है देश और समाज में उसके लिए वातावरण तैयार करना जरूरी है। यह वातावरण जनमानस को जगाकर ही तैयार किया जा सकता है। शहीदों के बलिदान जनमानस को आंदोलित करते हैं और लोगों में स्वराज्य पाने की भावना तीव्र बनती है। |
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