1.

त.शपुढील संकल्पना स्पष्ट करा१.दवंदववाद​

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ANSWER:

मार्क्स के दर्शन को द्वंद्वात्मक भौतिकवाद (DIALECTICAL MATERIALISM) कहा जाता है। मार्क्स के लिए वास्तविकता विचार मात्र नहीं भौतिक सत्य है; विचार स्वयं पदार्थ का विकसित रूप है। उसका भौतिकवाद, विकासवान् है परंतु यह विकास द्वंद्वात्मक प्रकार से होता है।



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