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तालाब में जहाँ जलीय पौधे अधिक होते हैं, जल की सतह पर बुलबुले उठते दिखाई देते हैं, क्यों ? |
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Answer» HII there here is your answer कभी किसी जल स्रोत के किनारे खड़े होकर आस-पास नज़र दौड़ाइए। सम्भव है अनुकूल परिवेश के कारण बहुत-से हरे-भरे पेड़-पौधों के दीदार हो जाएँ। एक नज़र पानी के भीतर भी डाल लीजिए। यहाँ भी आपको छोटे-बड़े पौधे मिल जाएँगे। कुछ हरे-पीले छितरे हुए पत्तों वाले पौधे जल के नीचे उगते हैं जैसे हाइड्रा। कुछ फूले हुए तनों और डण्ठलों वाले पौधे जल की सतह पर तैरते हुए मिलेंगे जैसे जलकुम्भी। इसके अलावा आपके परिचित कमल, कुमुदिनी और सिंघाड़े के पौधे भी मिलेंगे जिनका आधा भाग पानी में डूबा हुआ और आधा सतह से ऊपर उठा हुआ रहता है। यद्यपि जल के अभाव में पेड़-पौधों का फलना-फूलना सम्भव नहीं होता है, जल की अधिकता भी इनके जीवन में कई तरह की बाधाएँ खड़ी करती है। उदाहरण के लिए जल के अन्दर की दलदली सतह पर जड़ों को मज़बूती से टिकाए रखने की समस्या होती है। जल के प्रवाह से पौधे के बह जाने का खतरा होता है। जल के सम्पर्क में तने व पत्तों के सड़ने-गलने की सम्भावना होती है। श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की समस्या तो होती ही है, इसके अतिरिक्त जलनिमग्न पौधे में वंश वृद्धि के लिए परागण सम्पन्न कराने की भी समस्या होती है। इन बाधाओं से पार पाने के लिए जलोदभिद् पौधों में कैसी-कैसी युक्तियाँ विकसित हुई हैं इसका जायज़ा लेने के लिए हमें कुछ ऐसे ही कुछ पौधों का निरीक्षण करना होगा। HOPE IT HELPED U PLZ MARK AS BRIANLIEST |
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