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तरनि-तनूजा तट तमाल तरूवर बहु छाये । झुके फूल सों जल परसन हित मनहुँ सुहाये ।। किधौं मुकुर मैं लखत उझकि सब निज-निज सोथा कै प्रनवत जल जानि परम पावन फल लोभा।। |
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Answer» 1. अनुप्रस अलंकार. 2. उत्प्रेक्षा अलंकार 3. अनुप्रस अलंकार: |
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