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उदारवाद व गरम राष्ट्रवाद की विचारधाराओं में क्या अन्तर था? |
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Answer» उदारवादी और गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी दोनों ही भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की दो विचारधाराएँ रही हैं। इन दोनों विचारधाराओं का अन्तर निम्नप्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है (i) यद्यपि दोनों का मूल उद्देश्य एक था- स्वशासन की प्राप्ति, लेकिन स्वशासन के सम्बन्ध में दोनों के दृष्टिकोण भिन्न-भिन्न | थे। उदारवादी ब्रिटिश शासन की अधीनता में प्रतिनिधित्व तथा संसदीय संस्थाओं की स्थापना करना चाहते थे तथा वे क्रमिक राजनीतिक सुधारों के पक्ष में थे। इसके विपरीत, गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी विदेशी शासन के कट्टर विरोधी तथा किसी भी रूप में उसके अस्तित्व के विरोधी थे। (ii) उदारवादियों को अंग्रेजों की न्यायप्रियता में पूर्ण विश्वास था, जबकि गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों को अंग्रेजों की नीयत तथा उदारता में तनिक भी विश्वास नहीं था। (iii) उदारवादियों के विचार में ब्रिटेन तथा भारत के हितों में मूलभूत विरोध नहीं था। इसके विपरीत, गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों की धारणा यह थी कि ब्रिटेन तथा भारत के हित एक-दूसरे से नितान्त विपरीत हैं। (iv) उदारवादी भिक्षावृत्ति जैसे साधनों के समर्थक थे, जबकि गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी इन साधनों को अपनाना सम्मान के विरुद्ध समझते थे। गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों के प्रमुख साधन विदेशी वस्तुओं एवं संस्थाओं का बहिष्कार, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा थे और बहिष्कार इनका सबसे प्रमुख साधन था। (v) उदारवादी पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति के पोषक थे, जबकि गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी प्राचीन हिन्दू धर्म, सभ्यता और संस्कृति तथा उसके आधार पर विकसित हिन्दू राष्ट्रीयता के समर्थक थे। (vi) उदारवादियों के नेता गोपालकृष्ण गोखले थे और गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों के नेता बाल गंगाधर तिलक थे। (vii) उदारवादी नौकरशाही व्यवस्था को पसन्द करते थे, किन्तु गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी इस व्यवस्था के विरोधी थे। (viii) उदारवादी सरकार के साथ सहयोग करने में विश्वास रखते थे, किन्तु गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादी सरकार से असहयोग करने के पक्षपाती थे। (ix) उदारवादियों का आदर्श प्रेम व सेवा था, जबकि गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों का आदर्श सेवा और कष्ट सहना था। (x) उदारवादी स्वशासन में विश्वास रखते थे और गरम विचारधारा वाले राष्ट्रवादियों की स्वराज्य में आस्था थी। |
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