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उपर्युक्त परिच्छेद का एक - तिहाई (१/३ ) शब्दों में सार लिखिए तथा उसे उचित शीर्षक दीजिए । |
| Answer» स्वार्थ और अन्याय की प्रतिस्पर्धा के सिधान्तो पर अनेक देशो की राजनीती चलती है किन्तु प्रेम धर्म सहानुभूति, सहायता मैत्री निर्भयता आदि गुणों से मनुष्य का विकास करता है मित्र के सबल होने से हम भी सशक्त माने जाएँगे निर्बल होने पर हम कमजोर माने जाएँगे । | |