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‘उसके अंदर प्रकाश है, बाहर आशा। विपत्ति अपना सारा दलबल लेकर आए, हामिद की आनंद भरी चितवन उसका विध्वंस कर देगी।' इस कथन के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि आशा का प्रकाश मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। |
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Answer» जिसके जीवन में आशा का प्रकाश सदेव बना रहता था वह जीवन में हमेशा आगे बढ़ता रहता था आशा रूपी प्रकाश हमे शक्ति देता था और वह शक्ति बहुत ही कम हो जाती थी जब विषम परिस्थतिया सामने आ जाती थी तब मनुष्य की सोचने की शक्ति बहुत ही कम हो जाती थी तब मनुष्य की सोचने की शक्ति बहुत ही कम जाती थी ऐसी परिस्थतियो में आशम की किरण ही हमे बाहर निकलने में मदद करती थी उसके माता पिता जल्द ही उसके पास लोट कर आते थे यही कारण था कि वह हमेशा प्रसन्न रहता था । |
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