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उसने कहा था। कहानी में वातावरण का सुन्दर संयोजन हुआ है। स्पष्ट कीजिए।

Answer»

वातावरण चित्रण कहानी का एक महत्वपूर्ण तत्त्व है। वातावरण के चित्रण से कहानी रोचक बनती है। कहानी का आरम्भ अमृतसर के बाजार से होता है। जहाँ लोगों की भीड़ है उसमें से बम्बूकार्ट वालों का निकलना आसान नहीं। किन्तु वे सब्र के साथ ‘जी’ और ‘साहब’ शब्द का प्रयोग करके लोगों को हटाते हुए आगे निकल जाते हैं। बिल्कुल स्वाभाविक वर्णन है युद्ध के मैदान के वातावरण का तो यथार्थ वर्णन है। ठण्ड अधिक है। खन्दक में पिंडलियों तक कीचड़ में धंसे हुए हैं। ठण्ड के मारे हड्डियाँ ठिठुर गई हैं। दाँत किट-किटा रहे हैं। जर्मनी वाले गोले बरसाते हैं जिससे धरती हिल जाती है। बाहर निकल नहीं सकते। सीधे गोली पड़ती है। मनोरंजन का कोई साधन नहीं है। युद्ध के मैदान में किस प्रकार धोखा दिया जाता है। सिपाही कितनी तीव्र बुद्धि से काम करते हैं। आक्रमण कैसे होता है? शत्रु पर कैसे विजय पाई जाती है। इसका सजीव वर्णन हुआ है।

कहानी के अन्त का वातावरण बड़ा मार्मिक है। घायल लहनासिंह वजीरासिंह की गोद में सिर रखकर लेटा है, स्वप्न चल रहा है। उसके मुँह से निकला एक-एक शब्द वातावरण को गम्भीर बना रहा है। बचपन की स्मृति आती है। सूबेदारनी ने रोते हुए क्या भिक्षा माँगी यह स्मृति में आ रहा है। वजीरासिंह यह सब देखकर रो रहा है। यहाँ पर पाठक भी अपने आप को सँभाल नहीं पाता है। अस्तु वातावरण चित्रण की दृष्टि से भी कहानी श्रेष्ठ है।



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