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वात्सल्य रस का उदाहरण |
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Answer» सुख निरखि जसोदा, पुनि पुनि नन्द बुलवातिअंचरा-तर लै ढ़ाकी सूर, प्रभु कौ दूध पियावतिसन्देश देवकी सों कहिएहौं तो धाम तिहारे सुत कि कृपा करत ही रहियोतुक तौ टेव जानि तिहि है हौ तऊ, मोहि कहि आवैप्रात उठत मेरे लाल लडैतहि माखन रोटी भावै |
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