1.

वायुवीय जन्तुओं में अनुकूलन का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

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  1. पक्षियों का शरीर वायवीय वातावरण के अनुकूल होता है। इनके शरीर का आकार नौकाकार तथा धारा रेखित होता है। इनके अग्रपाद ही पंखों में रूपान्तरित होते हैं जो उड़ने में सहायक हैं। इनकी अस्थियाँ खोखली एवं वायु से भरी होती हैं। जिससे इनका शरीर हल्का हो जाता है। फेफड़ों से जुड़े वायुकोषों में हवा भर जाती है जो उड़ते समय शरीर को हल्का रखते हैं। इस तरह का विशेष रूपान्तरण केवल पक्षियों में होता है।
    जैसे- तोता, कबूतर, गौरैया आदि।
  2. आप कीटों को ध्यान से देखें इनका शरीर छोटा होता है और इनका शरीर अन्य अकशेरूकीय जन्तु जैसे केंचुआ, घोंघा की तुलना में हल्का भी होता है। जब ये उड़ते हैं। तो दो जोड़ी पंख फैला लेते हैं। इनके शरीर में श्वासरन्ध्र होते हैं जिनसे शरीर में हवा भरती और निकलती है। इसी कारण इनका शरीर हल्का हो जाता है।
    जैसे- तितली, मधुमक्खी, घरेलू मक्खी आदि।


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