1.

वह नेपाल से तिब्बत जाने का मुख्य रास्ता है । फरी-कलिङ्पोङ् का रास्ता जब नहीं खुला था, तो नेपाल ही नहीं हिंदुस्तान की भी चीजें इसी रास्ते तिब्बत जाया करती थीं । यह व्यापारिक ही नहीं सैनिक रास्ता भी था, इसीलिए जगह-जगह फ़ौजी चौकियाँ और किले बने हुए हैं, जिनमें कभी चीनी पलटन रहा करती थी । आजकल बहुत से फ़ौजी मकान गिर चुके हैं । दुर्ग के किसी भाग में, जहाँ किसानों ने अपना बसेरा बना लिया है, वहाँ पर कुछ आबाद दिखाई पड़ते हैं । ऐसा ही परित्यक्त एक चीनी किला था । हम वहाँ चाय पीने के लिए ठहरे ।1. पहले लोग किस रास्ते से तिब्बत जाते थे ?2. नेपाल से तिब्बत जाने के रास्ते पर जगह-जगह चौकियाँ क्यों बनी थी ?3. लेखक चाय पीने के लिए कहाँ ठहरे ?4. ‘व्यापारिक’ तथा ‘चौकियाँ’ शब्द में से प्रत्यय अलग कीजिए ।

Answer»

1. पहले लोग नेपाल के रास्ते से तिब्बत जाते थे ।

2. नेपाल से जानेवाला यह रास्ता व्यापारिक ही नहीं सैनिक रास्ता भी था । सैनिकों को आराम करने के लिए जगह जगह चौकियाँ
बनी थीं ।

3. लेखक एक परित्यक्त चीनी किले पर चाय पीने के लिए ठहरे थे ।

4. व्यापारिक – इक प्रत्यय
चौकियाँ – इयाँ प्रत्यय



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