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विधिलिंग लकर क मटलब भई लॉग जलदी जवाब दे दो यार। आपि बहोत महरबानी होगि. plz give the answer as fast as possible. |
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Answer» किसी शिक्षक या सीनियर की उपस्थिति में क्षात्र सामान्य रूप से डिक्शनरी अथवा शब्द-कोश के प्रयोग से कतराते हैं और जिस शब्द का अर्थ मालूम नहीं हो अपने शिक्षक से ज़बानी पूछ लेते हैं.देखा जाए तो यह महज़ सुस्ती और आलस्य का प्रदर्शन है.अगर किसी शब्द का मतलब बताने वाला कोई व्यक्ति मौजूद है तब भी शब्दकोश से सहायता ज़रूर लेनी चाहिए, इस के बहुत से कारण हैं, उदाहरणस्वरूप कोश में आप को शब्दों के सही उच्चारण मिल जाएंगे.यदि शब्द किसी और अर्थ में भी प्रयुक्त होता है तो कोश में उसका विवरण भी मौजूद होगा.अगर कोई लंबा और जटिल शब्द है तो कोश में उसके भाग को अलग अलग करके उसका सही उच्चारण भी दिया होगा और अगर वह शब्द संज्ञा और क्रिया दोनों प्रकार से प्रयोग में आता है तो दोनों का उच्चारण अलग अलग दिया हुआ होगा.एक ही शब्द शिक्षा और कला के विभिन्न विभागों में अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल हो सकता है, कोश में इस का ब्योरा भी मौजूद होता है.व्याकरण के अनुसार शब्द जिस वर्ग में आता है उसका विवरण भी कोश में दिया होता है.संख्या और लिंग के लिहाज़ से यदि किसी शब्द में कोई परिवर्तन होता है या एकवचन और बहुवचन या स्त्रीलिंग और पुलिंग में बनावट का बुनियादी अंतर है तो हर अच्छे कोश में उसका विवरण भी दिया होता है.पर्यायवाची शब्दों के साथ साथ विपरीतार्थक शब्द भी एक अच्छे कोश में दिए गए होते हैं.हर अच्छा कोश आप को शब्द के उच्चारण बताने के साथ साथ उसके मूल और विषयी तक भी ले जाता है और शब्द की जड़ तक पहुंचने के बाद आप उसी परिवार या वंश के और भी शब्दों से परिचित हो जाते हैं. (इस विषय की व्याख्या आगे चल कर होगी)विस्तृत कोश में शब्दों का अर्थ उसके उपयुक्त प्रयोग से भी स्पष्ट कर दिया जाता है. और शब्दों का वाक्य में सही इस्तेमाल भी बताया जाता है.कुछ कोश में शब्दों के साथ साथ उस से जुड़े प्रसिद्ध व्यक्तियों और स्थानों का भी ज़िक्र कर दिया जाता है.इन सारे बिंदुओं के व्यावहारिक उदाहरण के लिए आइए हम अंग्रेज़ी का एक शब्दकोश कहीं से भी खोलते हैं ---- और जो शब्द हमारे सामने आ रहा है वह है ‘डाटा’. |
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