| 1. |
व्यापार अधिशेष की परिभाषा दीजिए । भारत के साथ ब्रिटेन को व्यापार अधिशेष कैसे प्राप्त होता था ? |
|
Answer» अधिशेष की परिभाषा तथा भारत के साथ ब्रिटेन को व्यापार अधिशेष निम्नलिखित प्रकार प्राप्त होता थाExplanation:दो देशों के बीच आपसी व्यापार में एक राष्ट्र को मिलने वाले लाभ को व्यापार अधिशेष कहते हैं। 19वीं शताब्दी में भारतीय बाज़ारों में ब्रिटिश औद्योगिक उत्पादों की बिक्री में काफी वृद्धि हुई। ब्रिटेन से जो माल भारत भेजा जाता था उसकी कीमत बहुत कम होती थी तथा भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले माल की कीमत बहुत अधिक होती थी। भारत के साथ ब्रिटेन हमेशा व्यापार अधिशेष की स्थिति में ही रहता था। ब्रिटेन अपने देशी खर्चों का निपटारा दूसरे देशों से व्यापार में होने वाले घाटे की भरपाई भारत के साथ व्यापार अधिशेष से पूरा कर लेता था। इसके तहत ब्रिटिश अफसरों और व्यापारियों द्वारा अपने घरों में भेजी गयी निजी आय, भारतीय बाहरी कर्ज़े पर ब्याज़ और ब्रिटिश अफसरों की पेंशन शामिल थी जो भारत में काम कर चुके थे। |
|