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‘व्यक्तिगत मालिकी यह धन्धे की प्रशिक्षण की पाठशाला है ।’ समझाओ । |
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Answer» उपरोक्त कथन सत्य है, क्योंकि व्यक्तिगत मालिकी का धन्धा अधिक प्रमाण में देखने को मिलता है । प्रारम्भ में तो एकाकी व्यापार आरम्भ करते है । तथा धीरे-धीरे समय बीतने पर कुशलता प्राप्त करते है व अनुभवी बनते है । व्यक्तिगत मालिकी के व्यापार में मालिक क्रय का कार्य, विक्रय का कार्य, ग्राहकों के साथ सम्बन्ध स्थापित करने आदि के रूप में विशिष्ट ज्ञान ऐसे व्यापार से मिलता है । इस तरह कुशल व्यापारी बनने के लिए व्यक्तिगत मालिकी का धन्धा प्रशिक्षण की पाठशाला कहलाता है । |
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