1.

व्यवस्थात्मकतः निम्नलिखित में संगत समविभव पृष्ठ का वर्णन कीजिए : 1. z-दिशा में अचर विद्युत-क्षेत्र 2. एक क्षेत्र जो एकसमान रूप से बढ़ता है, परन्तु एक ही दिशा (मान लीजिए z-दिशा) में रहता है। 3. मूल बिन्दु पर कोई एकल धनावेश, और 4. एक समतल में समान दूरी पर समान्तर लम्बे आवेशित तारों से बने एकसमान जाल।

Answer»

1. x-y समतल के समान्तर समतल। 

2. समविभव पृष्ठ x-y समतल के समान्तर होंगे, परन्तु बढ़ते क्षेत्र के साथ, भिन्न-भिन्न नियत विभव वाले समतल एक-दूसरे के समीप होते जाएँगे। 

3. संकेन्द्रीय गोले जिनके केन्द्र मूल बिन्दु पर हैं। 

4. ग्रिड के समीप, समविभव पृष्ठों की आकृति समय के साथ बदलेगी परन्तु ग्रिड से दूर जाने पर समविभव पृष्ठ ग्रिड (जाल) के अधिकाधिक समान्तर होते जाएँगे।



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