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What is the meaning of "yagyo ke kray vikray ka fal" in the story Mahayagya ka puruskar written by yashpal |
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Answer» महायज्ञ का पुरस्कार कहानी शीर्षक की सार्थकता कहानीकार यशपाल जी उपयुक्त कहानी में दिखाया है कि निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्चा कर्म महायज्ञ होता है . इस कहानी के मुख्य पात्र सेठ एवं सेठानी अपनी गरीबी को दूर करने के लिए यज्ञ के फल को बेचने के लिए विबस होना पड़ा .JUL 16, 2017 Explanation: |
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