1.

x और Y एक पेढी के साझेदार है । उन्होंने साझेदारों करारनामा तैयार नहीं किया है। साझेदारों के बीच निम्न प्रश्नों में मतभेद रहा हुआ है । आप साझेदार को कानूनी सलाह दीजिए।(1) X साझेदारों ने किये आहरण पर 6% ब्याज लेने की माग करता है ।(2) Y पेढ़ी में सक्रिय साझेदार के रूप में कार्य करता है उसके बदले में पारिश्रमिक (महेनताना) और कमीशन की मांग करता है ।(3) X साझेदारों को पूँजी पर ब्याज देने की माँग करता है।(4) X द्वारा पेढी को ₹ 20,000 लोन के रूप में दिया गया है। वह लोन पर ब्याज की मांग करता है ।(5) Y को पेढी ने ₹ 25,000 की लोन दी है। X लोन पर ब्याज वसूल करने को कहता है ।(6) X पेढी के लाभ का वितरण साझेदारों की पूँजी के प्रमाण में बाँटने को कहता है ।

Answer»

X और Y ने खुद की पेढी का करारनामा तैयार नहीं किया है। इसलिये भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार उपरोक्त प्रश्नों का हल निम्नानुसार किया जायेगा :

(1) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार X को कोई आहरण पर ब्याज नहीं दिया जायेगा।

(2) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार Y को पेढी में कार्य करने के बदले में पारिश्रमित (मेहनताना) और कमीशन नहीं दिया जायेगा।

(3) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार X या अन्य किसी भी साझेदार को पूँजी पर ब्याज नहीं दिया जायेगा ।

(4) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार X को ₹ 20,000 की लोन पर वार्षिक 6% की दर से ब्याज दिया जायेगा ।

(5) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार अगर करारपत्र में पेढ़ी के द्वारा किसी भी साझेदार या अन्य व्यक्ति को दी गई लोन पर ब्याज के संदर्भ में कोई स्पष्टता न हो तो कोई ब्याज दिया नहीं जायेगा । अर्थात् Y से पेढी कोई लोन पर ब्याज वसूल नहीं करेगी ।

(6) साझेदारी अधिनियम 1932 के अनुसार अगर लाभ-हानि वितरण के संदर्भ में करारपत्र में कोई स्पष्टता न दी गई हो तब समान हिस्से
में लाभ-हानि का वितरण किया जायेगा । अर्थात् साजेदारों को पूजी के प्रमाण में नहीं परंतु समान हिस्से में लाभ बाटा जायेगा ।



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