Saved Bookmarks
| 1. |
युवावस्था में प्रवेश करने पर सुभद्रा कुमारी चौहान के हाव-भावों और भावनाओं में क्या अंतर आ गया? |
|
Answer» जब सुभद्रा ने बचपन की देहली पार करके जवानी के रंगमहल में प्रवेश किया तो उनका मतवाला मन बड़ा हो चुका था। उनके मन में कुद नए अनुभव हो रहे थे। वो स्वयं को लुटी और ठगी सी समझ रही थी। बार-बार द्वार पर जाकर खड़ी होना, आँखों में लजाने का भाव झलकना, मन में नई-नई उमंगें उठना, कानों में रसभरी ताने सुनाई देना, व्यवहार में चंचलता आनी आदि नई अनुभूतियाँ और नए हाव-भाव इनको जवानी के आने की सूचना दे रहे थे। |
|