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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
12 ओम प्रतिरोध के एक तार को 6 बराबर भागो में काटा जाता है । ये भाग समांतर क्रम में जोड़ दिए जाते है । इस संयोग का प्रतिरोध होगा -A. 12 ओमB. 2 ओमC. `1/3` ओमD. `1/6` ओम |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 2. |
चित्र में A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए - |
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Answer» `3 Omega ` के दो प्रतिरोध AC और CB के बीच श्रेणी क्रम में जुड़े है । यदि इनका तुल्य प्रतिरोध `R_(1)` हो , तो ` R_(1) = 3+3 = 6 Omega ` अतः `R_(1)= 6Omega` और `3Omega` के प्रतिरोध समांतर क्रम में जुड़े है । यदि इनका तुल्य प्रतिरोध R हो , तो ` 1/r=1/6+1/3=3/6=1/2` ` :. R = 2 omega ` |
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| 3. |
निम्न परिपथ में प्रतिरोध R का मान ज्ञात कीजिए यदि A और B के बीच तुल्य प्रतिरोध 4 ओम है । |
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Answer» `2 Omega` के दोनों प्रतिरोध समांतर क्रम में जुड़े है , यदि इनका तुल्य प्रतिरोध `R_(1)` हो , तो `1/(R_(1))=1/2+1/2,` अतः `R_(1) = 1 Omega` चूँकि `R_(1)` और R श्रेणी क्रम में जुड़े है ।, अतः `R_(1)+R=4` या `1+R = 4 ` ` :. R = 3 ` ओम | |
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| 4. |
चांदी के एक तार का प्रतिरोध `27.3 ^(@)C` पर 2.1 ओम तथा `100^(@)C` पर 2.7 ओम है । चांदी का प्रतिरोध ताप गुणांक ज्ञात कीजिए । |
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Answer» सूत्र - `alpha = (R_(2)-R_(1))/(R_(1)t_(2)-R_(2)t_(1))` दिया है - `t_(1)=27.5 ^(@)C,R_(1)=2.1` ओम `t_(2)=100^(@)C` तथा `R_(2) = 2.7` ओम । सूत्र में मान रखने पर , ` alpha = (2.7-2.1)/(2.1xx100-2.7 xx27.5)= (0.6)/(210 - 74.25)` ` = (0.6)/(135.75)=0.0044 " प्रति" ^(@) ` C |
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| 5. |
नाइक्रोम का विशिष्ट प्रतिरोध 100 माइक्रोओम सेमी है । 0.4 मिमी व्यास वाले तार से 10 ओम कि कुंडली बनाने के लिए कितना लम्बा तार लेना होगा ? |
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Answer» सूत्र- `R = (rhol)/A` या `l= (RA)/rho` , दिया है - ` rho = 100 ` माइक्रो ओम सेमी ` = 100 xx 10^(-6) ` ओम सेमी ` = 100 xx 10^(-8)` ओम मीटर ` r = (0.4)/2 ` सेमी = 0.2 सेमी ` = 2 xx 10^(-3)` मीटर तार का अनुप्रस्थ परिच्छेद ` A = pir^(2)= 3.14 (2 xx10^(-3))^(2)` R = 10 ओम ` :. l = (10 xx 3.14 xx(2 xx 10^(-3))^(2))/(100xx10^(-8))` ` == (10xx 3.14 xx 4xx 10^(-6))/(10^(-6)) = 125.6 ` मीटर | |
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| 6. |
15 मीटर लम्बे और `6.0 xx10^(7)" मीटर "^(2)` के एकसमान परिच्छेद वाले तार में नगण्य धारा प्रवाहित कि जाती है । यदि इसका प्रतिरोध `5 Omega` हो , तो प्रयोग के ताप पर इसका विशिष्ट प्रतिरोध क्या होगा ? |
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Answer» सूत्र - `rho = (RA)/l` दिया है - `R= 5 Omega , A = 6.0 xx10^(7) " मीटर"^(2)` तथा l= 15 मीटर | सूत्र में मान रखने पर , `rho = (5xx6.0 xx10^(7))/15` ` 2.0 xx10^(7)` ओम - मीटर | |
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| 7. |
5 मीटर लम्बे तार में 1.0 ऐम्पियर धारा प्रवाहित हो रही है । यदि तार का प्रतिरोध 5 ओम हो तार में विभव हो रही है । यदि तार का प्रतिरोध 5 ओम हो तो तार में में विभव प्रवणता कितनी होगी ? |
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Answer» दिया है - L = 5 मीटर, I = 1.0 ऐम्पियर, `R=5Omega, V=IR=1xx5=5` वोल्ट सूत्र `phi=(V)/(L)` में मान रखने पर `=(5)/(5)=1` वोल्ट/मीटर । |
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| 8. |
चित्र में एक विभवमापी प्रदर्शित किया गया है जिसके तार AB में 2.0 वोल्ट और आंतरिक प्रतिरोध 0.4 ओम के सेल के जुड़े होने के कारण विभव - प्रवणता होती है । एक मानस सेल जिसका नियत वि व बल 1.02 वोल्ट है , तार के 67.3 सेमी लम्बाई पर संतुलन बिंदु देता है । मानक सेल से अल्पधारा प्रवाहित करने के लिए , इसके साथ श्रेणीक्रम में 600 किलो ओम का उच्च प्रतिरोध जोड़ दिया जाता है , जो जाता है , तत्पश्चात मानक सेल को अज्ञात वि । व बल इ के सेल द्वारा प्रतिस्थापित क्र दिया जाता है । अब संतुलन बिंदु तार के 82.3 सेमी लम्बाई पर प्राप्त होता है । 600 किलो ओम के उच्च प्रतिरोध का उद्देश्य क्या है ? |
| Answer» मानक सल के साथ श्रेणीक्रम में 600 किलो ओम का प्रतिरोध जोड़ने का उद्देश्य धारामापी में से कम धारा प्रवाहित करना है ताकि धारामापी क्षतिग्रस्त होने से बच सके । | |
| 9. |
चित्र में एक विभवमापी प्रदर्शित किया गया है जिसके तार AB में 2.0 वोल्ट और आंतरिक प्रतिरोध 0.4 ओम के सेल के जुड़े होने के कारण विभव - प्रवणता होती है । एक मानस सेल जिसका नियत वि व बल 1.02 वोल्ट है , तार के 67.3 सेमी लम्बाई पर संतुलन बिंदु देता है । मानक सेल से अल्पधारा प्रवाहित करने के लिए , इसके साथ श्रेणीक्रम में 600 किलो ओम का उच्च प्रतिरोध जोड़ दिया जाता है , जो जाता है , तत्पश्चात मानक सेल को अज्ञात वि । व बल इ के सेल द्वारा प्रतिस्थापित क्र दिया जाता है । अब संतुलन बिंदु तार के 82.3 सेमी लम्बाई पर प्राप्त होता है । E का मान क्या है ? |
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Answer» दिया है - `epsilon _(1) = 1.02 ` वोल्ट`l_(1) = 67.3 ` सेमी , `l_(2) 82.3 ` सेमी `epsilon = epsilon _(2) = ?` सूत्र `epsilon_(1)/(epsilon_(2))=(l_(1))/(l_(2))` से ` (1.02)/(epsilon_(2)) = (67.3)/(82.3)` , ` :. epsilon = (1.02 xx 82.3)/(67.3) = 1.247 ` वोल्ट |
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| 10. |
15 मीटर लम्बे एवं `6.0 xx 10^(-7)" मी "^(2)` अनुप्रस्थ काट वाले तार से उपक्षेणिय धारा प्रवाहित की गई और उसका प्रतिरोध 5.0 `Omega` मापा गया । प्रायोगिक तार पर ताप के पदार्थ की प्रतिरोधकता क्या होगी ? |
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Answer» दिया है - ` rho = (RA)/l` दिया है - ` R = 5 Omega , A = 6.0 xx 10^(-7) " मी"^(2)` तथा l = 15 मी ` :. rho = (5 xx 6.0 xx 10^(-7))/15 = 2.0 xx 10^(-7) Omega ` |
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| 11. |
ताम्बे के एक तार के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल `3 xx 10^(-6)" `मीटर`"^(2) ` है । इसमें 4.2 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही है । निम्न की गणना कीजिये - (i) तार में धारा घनत्व (ii) इलेक्ट्रॉनों का अपवाह वेग । ताम्बे में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या `8.4xx10^(28)` प्रति मीटर` ""^(2)` है । |
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Answer» ` J = I/A = 4.2/(3.0xx10^(-6)) = 1.4 xx10^(6) "Am"^(2)` (ii) `v_(d) = I/("ne"A)=4.2/(8.4 xx10^(28) xx1.6 xx10^(-19)xx3xx10^(-6))` ` = 1.04 xx10^(4) "ms"^(-1)` |
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| 12. |
चित्र में एक विभवमापी प्रदर्शित किया गया है जिसके तार AB में 2.0 वोल्ट और आंतरिक प्रतिरोध 0.4 ओम के सेल के जुड़े होने के कारण विभव - प्रवणता होती है । एक मानस सेल जिसका नियत वि व बल 1.02 वोल्ट है , तार के 67.3 सेमी लम्बाई पर संतुलन बिंदु देता है । मानक सेल से अल्पधारा प्रवाहित करने के लिए , इसके साथ श्रेणीक्रम में 600 किलो ओम का उच्च प्रतिरोध जोड़ दिया जाता है , तत्पश्चात मानक सेल को अज्ञात वि व बल E के सेल द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाता है । अब संतुलन बिंदु तार के 82.3 सेमी लम्बाई पर प्राप्त होता है । क्या परिपथ कुछ ही मिली वोल्ट के अत्यंत ही अल्प वि वा बल ( जैसे ताप विद्युत् युग्म का वि वा बल ) ज्ञात करने के लिए उपयुक्त होगा ? |
| Answer» नहीं , कुछ ही मिलिवोल्ट के अत्यंत ही अल्प वि वा बल ज्ञात करने के लिए यह परिपथ उपयुक्त नहीं होगा , कोकि इस स्थिति में संतुलन बिंदु सिरे A के पास ही प्राप्त होगा । | |
| 13. |
एक विभवमापी के तार के पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध `40 xx 10^(-8)`ओम सेमी है । तार के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल `0.8 xx10^(-6)`मीटर`""^(2)` है । यदि उसके प्राथमिक परिपथ में 0.2 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो रही हो , तो तार की विभव प्रवणता ज्ञात कीजिए । |
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Answer» विशिष्ट प्रतिरोध ` rho = 40 xx 10^(-6) Omega ` सेमी ` A = 0.8 xx 10^(-6) m^(2)` I = 0.2 A विभव प्रवणता ` = V/L` ` :. V = RI = (rhoL)/A xx I ` विभव प्रवणता ` = (rho LI )/A xx 1/L ` ` = ( 40 xx 10^(-6) xx L xx 0.2 )/( 0.8 xx 10^(-6) xx L ) ` = 10 V/m |
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| 14. |
विभवमापी में लम्बे तार का उपयोग किया जाता है ? |
| Answer» लम्बे तार से बने विभवमापी में विभव प्रवणता का मान कम हो जाता है अर्थात यह अधिक सुग्राही होता है । इसलिए विभवमापी लम्बे के बनाये जाती है । | |
| 15. |
9 वोल्ट वि .वा बल और नगण्य आंतरिक प्रतिरोध कि बैटरी के साथ 3 किलो ओम प्रतिरोध कि प्रतिरोधक जुड़ा हुआ है । इस प्रतिरोधक के एक भाग में विभव पतन कि माप तीन तरह से कि जाती है - 20 किलो ओम के वोल्ट्मीटर कि सहायता से , 1 किलो ओम वोल्ट्मीटर कि सहायता से तथा जब एक साथ दोनों वोल्ट्मीटर समांतर क्रम में जुड़े है । किस स्थिति में पाठ्यांक अधिकतम और किस स्थिति में न्यूनतम होगा ? |
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Answer» मान लो विभव पतन की माप A और B के बीच की जाती है । जब 20 किलो ओम वोल्ट्मीटर को A और B के बीच जोड़ा जाता है तो वोल्ट्मीटर का प्रतिरोध अधिक होने के कारण उसमे अल्पधारा प्रवाहित होगी , अधिकांश धारा प्रतिरोध में से प्रवाहित होगी है । अतः इस स्थिति में वोल्ट्मीटर का पाठ्यांक अधिकतम होगा । (V = IR) (ii) जब और के बीच एक किलोओम प्रतिरोध के वोल्ट्मीटर को जोड़ा जाता है तो उसमे से पहले की तुलना में अधिक धारा प्रवाहित होगी और में कम धारा प्रवाहित होगी । अतः इस स्थिति में वोल्ट्मीटर का पाठ्यांक कम होगा । (iii) जब 20 किलो ओम और किलो ओम प्रतिरोध के वोल्ट्मीटरो को A और B के समांतर क्रम में जोड़ा जाता है तो उनका तुल्य प्रतिरोध `= (20xx1)/(20+1) = 20/21` किलो ओम होगा अतः अधिकांश धारा वोल्ट्मीटरो में से प्रवाहित होगी , AB में से कम धारा प्रवाहित होगी । स्पस्टतः इस स्थिति में पाठ्यांक न्यूनतम होगा । |
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| 16. |
4 सेलो को श्रेणीक्रम में एक बैटरी बनाई जाती है । प्रत्येक सेल का वि वा बल 1.5 वोल्ट तथा आंतरिक प्रतिरोध 0.5 ओम है । इसे 58 ओम के बाह्य प्रतिरोध से जोड़ा जाता है बैटरी में की गई धारा कि गणना कीजिए । |
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Answer» सूत्र `I=(n epsilon)/(R+nr)` , दिया है - n = 4 , `epsilon = 1.5` वोल्ट `r = 0.5 Omega ,R = 58 Omega ` सूत्र में मान रखने पर `I = (4xx1.5)/(58+4xx0.5)=6/60 =0.1` ऐम्पियर । |
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| 17. |
यदि प्रतिरोधकों का संयोजन किसी 12 Vकी बैटरी जिसका आंतरिक प्रतिरोध नगण्य है , से है । तो प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर वोल्टता ज्ञात कीजिए । |
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Answer» E = 12 V , r नगण्य , R = `= 6 Omega ` ` :. I = E/(R + r ) = E/R ` ` I = 12/6 = 2A` ` R_(1) ` के परितः वोल्टता ` V_(1) = IR_(1) = 2 xx 1 = 2 ` वोल्ट ` R_(2)` के परितः वोल्टता ` V _(2) = IR_(2) = 2xx 2 = 4 ` ` R_(3) ` के परितः वोल्टता ` V_(3) = IR_(3) = 2xx 3 = 6 ` वोल्ट | |
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| 18. |
जब दो सेल श्रेणी क्रम में जोड़े जाते है , तो विभवभावी में संतुलन बिंदु 8 मीटर की दूरी पर प्राप्त होता है । जब सेल के ध्रुव को पलटकर जोड़ा जाता है , तो संतुलन बिंदु 2 मीटर पर प्राप्त होता है । उनके वि. वा बालो का अनुपात क्या होगा ? |
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Answer» सूत्र - `epsilon = phi l` पहली स्थिति में, `epsilon_(1)+epsilon_(2)=phi xx 8` तथा दूसरी स्थिति में, `epsilon_(1)-epsilon_(2)=phi xx 2` `rArr " " (epsilon_(1)+epsilon_(2))/(epsilon_(1)-epsilon_(2))=(phi xx 8)/(phi xx 2) = 4` `therefore " " 4epsilon_(1)-4epsilon_(2)=epsilon_(1)+epsilon_(2)` या `4epsilon_(1)-epsilon_(1)=4epsilon_(2)+epsilon_(2)` `3epsilon_(1)=5epsilon_(2)` `(epsilon_(1))/(epsilon_(2))=(5)/(3)`. |
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| 19. |
एक सेल का वि. वा. बल 6.0 वोल्ट है जब उससे 2 ऐम्पियर की धारा ली जाती है तो सेल के इलेक्ट्रोडो के बीच का विभव 4 वोल्ट रह जाता है। सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। |
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Answer» E = 6 V, I = 2A V = 4 वोल्ट ` R = V/I = 4/2 = 2 Omega ` ` r = R [ (E-V)/V] = 2 [ (6-4)/4] = 1 Omega ` |
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| 20. |
किसी कार की संचयक बैटरी का वि वा बल 12V है । यदि बैटरी का आंतरिक प्रतिरोध `0.4Omega` हो , तो बैटरी से ली जाने वाली अधिकतम धारा का मान क्या है ? |
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Answer» दिया है - विद्युत वाहक बल ` epsilon = 12 v ` आंतरिक प्रतिरोध ` r = 0 . 4 Omega ` , यदि R=0 तब धारा अधिकतम होगी | अतः ` I _("max") = epsilon/r = 12/0.4= 30 A ` |
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| 21. |
किसी मीटर - सेतु में जब प्रतिरोधक `S = 12.5 Omega` हो , तो संतुलन सिरे A से 39.5 सेमी की लम्बाई पर प्राप्त होता है । R का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए । व्हीटस्टोन सेतु या मीटर सेतु में प्रतिरोधकों में संयोजन के लिए मोती कॉपर की पत्तियाँ क्यों प्रयोग में लाते है ? |
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Answer» सूत्र -`(R)/(S)=(l)/(100-l)` दिया है - `S=12.5Omega,l=39.5` सेमी सूत्र में मान रखने पर , `(R)/(12.5)=(39.5)/(100-39.5)` या `R=(39.5xx12.5)/(60.5)=8.16Omega` |
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| 22. |
मीटर सेतु के प्रयोग में बायीं और के खली स्थान में 10 ओम का प्रतिरोध अज्ञात प्रतिरोध लगा है । यदि संतुलन बिंदु की दुरी 40 सेमी हो तो अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात कीजिए। |
| Answer» ` S = ((100-l)R)/l = (100 - 40 )/40 xx 10 = 15 Omega ` | |
| 23. |
व्हीटस्टोन ब्रिज की सहायता से किसी अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात किया जा सकता है । व्हीटस्टोन ब्रिज का चित्र प्रदर्शित है । ब्रिज या सेतु के संतुलन की स्तिथि में`(P)/(Q)=(R )/(S)` यदि P, Q, व R का ज्ञात प्रतिरोध हो तो इनकी सहायता से अज्ञात प्रतिरोध को निम्न से ज्ञात कर सकते है - `S=(R )/(P), Q` उपरोक्त परिच्छेद को पढ़कर निम्न प्रश्नो के उत्तर दीजिए - मीटर सेतु के प्रयोग में संतुलन बिंदु सेतु के A सिरे के दायीं ओर 39.5 सेमी पर प्राप्त हुआ । यदि बायीं ओर प्रतिरोध (अज्ञात) X व दायीं ओर ज्ञात प्रतिरोध `Y=10Omega` लगाया जाये, तब (a) X का प्रतिरोध क्या है ? (b) मीटर सेतु में संतुलन बिंदु का विस्थापन क्या होगा यदि X व Y को आपस में परिवर्तित कर दिया जाये । |
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Answer» l = 39.5 सेमी , R = X , S = Y = `10 Omega ` ` S = ((100-l))/lxxR` ` :. 10 = ((100-39.5))/(39.5) .X` या ` X = (10 xx 39.5)/(60.5) = 6.53 Omega ` (b) यदि X व Y को आपस में परिवर्तित के दे तब व `(100-l)` परिवर्तित हो जायेंगे अतः l = 60.5 सेमी एवं सेमी अर्थात संतुलन बिंदु परिवर्तित हो जायेगा । जो `60.5 - 39.5 = 21.0 ` (दायी और ) प्राप्त होगा । |
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| 24. |
व्हीटस्टोन ब्रिज की सहायता से किसी अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात किया जा सकता है । व्हीटस्टोन ब्रिज का चित्र प्रदर्शित है । ब्रिज या सेतु के संतुलन की स्तिथि में`(P)/(Q)=(R )/(S)` यदि P, Q, व R का ज्ञात प्रतिरोध हो तो इनकी सहायता से अज्ञात प्रतिरोध को निम्न से ज्ञात कर सकते है - `S=(R )/(P), Q` उपरोक्त परिच्छेद को पढ़कर निम्न प्रश्नो के उत्तर दीजिए - पोस्ट ऑफिस बॉक्स का दैनिक जीवन में क्या उपयोग है ? |
| Answer» पोस्ट ऑफिस बॉक्स का उपयोग पोस्ट ओफिस एवं टेलीग्राम में होता है । यदि टेलीफोन लाइन का परिपथ कही से टूट जाता है तो वह परिपथ भू - संपर्कित होकर पूर्ण होता है । इस स्थिति में पोस्ट ऑफिस की सहायता से टूटी हुई लाइन के प्रतिरोध को ज्ञात करके टूटी हुई लाइन की लम्बाई की गणना कर ली जाती है । | |
| 25. |
एक तार को पिघलाकर उसकी लम्बाई पहले की तुलना में आधी कर दी जाती है ।नया प्रतिरोध क्या होगा ? |
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Answer» `(R_(1))/(R_(2)) = (l_(1)^(2))/(l_(2)^(2)) "या " R_(2) = R_(1)((l_(2))/(l_(1)))^(2)` ` :. R_(2) = R_(1) xx ((l_(1))/(2l_(1)))^(2)=(R_(1))/4` ( अतः एक चौथाई ) |
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| 26. |
विभवमापी के प्रयोग में शून्य विक्षेप स्थिति में क्या परिवर्तन होगा , यदि - विभवमापी के तार कि लम्बाई बढ़ा दी जाये ? |
| Answer» विभवमापी के तार की लम्बाई बढ़ाने पर विभव प्रवणता `(K=V/L)` का मान कम हो जायेगा । अतः शून्य विक्षेप स्तिथि की दुरी `(l = E/K)` बढ़ जायेगी । | |
| 27. |
किसी सेल के सिरों का विभव कम होते है , क्यों ? |
| Answer» चूँकि `epsilon = V + Ir` अर्थात प्रत्येक सेल में आंतरिक प्रतिरोध का कुछ मान अवश्य होता है । अतः बंद परिपथ में वि वा बल का कुछ अंश आंतरिक प्रतिरोध के विरुद्ध कार्य में व्यय होता है अर्थात ` epsilon gt V` होगा । | |
| 28. |
क्या उत्तरोत्तर संघट्टों ( धातु के धनायनों के साथ के बीच इलेक्ट्रॉन के पथ ) (i )विद्युत क्षेत्र कि अनुपस्थिति में (ii ) विद्युत क्षेत्र कि उपस्तिथि में , सरल रेखीय है ? |
| Answer» विद्युत क्षेत्र कि अनुपस्थिति में पथ ऋजुरेखीय है जबकि विद्युत क्षेत्र कि उपस्थिति में पथ व्यापक रूप से वक्रित होते है । | |
| 29. |
जब इलेक्ट्रॉन किसी धातु में कम विभव से अधिक विभव की और चलते है तो क्या धातु के सभी इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में चल रहे होते है ? |
| Answer» नहीं आवश्यक नहीं है कि सभी इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में गति करे । धातु में उपस्थित धनायनों कि संख्या के अनुसार इलेक्ट्रॉन विभिन्न दिशाओ में गति क्र सकते है , किन्तु वे इस प्रकार गति करते है कि सभी इलेक्ट्रॉन का परिणामी अनुप्रस्थ विस्थापन शून्य होता है । वास्तव में अनुगमन वेग इलेक्ट्रॉन के अनियमित तापीय शून्य होता है । वास्तव में अनुगमन वेग इलेक्ट्रॉन के अनियमित तापीय वेग पर अध्यारोपित हो जाता है । | |
| 30. |
जब किसी धातु में इलेक्ट्रॉन कम विभव से अधिक विभव कि और अपवाह करता है तो क्या तात्पर्य यह है कि धातु में सभी मुक्त इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में गति मान है ? |
| Answer» नहीं इलेक्ट्रॉन कि अपवाह चाल उनके यादृचिका वेग पर अध्यारोपित होती है । | |
| 31. |
यदि इलेक्ट्रॉन का आवेश एवं अपवाह वेग अत्यंत कम है , तो चालकों में इसके प्राप्त धारा का मान अधिक कैसे होगा ? |
| Answer» क्यूंकि चालकों में आवेशी कि संख्या घनत्व अत्यधिक होती है । इसका मान `10^(29) " प्रति मी"^(3)` होता है । | |
| 32. |
प्रामाणिक प्रतिरोध तथा प्रतिरोधक तार कांस्टेन्टन तथा मैगनीज मिश्र धातुओं के बनाये जाते है । क्यों ? |
| Answer» क्योकि इन मिश्र धातुओं के तपन गुणांक का मान कम होता है तथा प्रतिरोधकता अधिक होती है । | |
| 33. |
व्हीटस्टोन सेतु की तीन भुजाओ में P,Q और R जुड़े है और `S_(1)`तथा `S_(2)` दो प्रतिरोधों के समांतर जोड़ से चौथी भुजा बनी है । सेतु के संतुलन के लिए दशा होगी ।A. ` P/Q = (R(S_(1)+S_(2)))/(S_(1)S_(2))`B. ` P/Q = (R(S_(1)+S_(2)))/(2S_(1)S_(2))`C. ` P/Q = R/(S_(1)+S_(2))`D. ` P/Q = (2R)/(S_(1)+S_(2))` |
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Answer» Correct Answer - A चौथा प्रतिरोध ` S = (S_(1)S_(2))/(S_(1)+S_(2))` ` :. P/Q = R/S ` से ` P/Q = (R(S_(1)+S_(2)))/(S_(1)S_(2))` |
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| 34. |
10 ओम प्रतिरोध के एक मोठे तार को खींचकर उसकी लम्बाई पांच गुनी कर दी जाती है । तार का नया प्रतिरोध क्या होगा ? |
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Answer» ` (R_(1))/(R_(2)) = (l_(1))/(l_(2)) xx((r_(2))/r_(1))" लेकिन " (l_(1))/(l_(2)) = ((r_(2))/r_(1))^(2)` , ` :. (R_(1))/(R_(2)) = (l_(1)^(2))/(l_(2)^(2))rArr ((l_(1))/(5l_(1)))^(2)=1/25` या `R_(2)=250` |
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