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This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
| 1. |
कार्बोनेट तथा सल्फाइड अयस्क से धातु के निष्कर्षण के लिए उसे ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता हैं । |
| Answer» कार्बेनेट तथा सल्फाइड अयस्क से धातु के निष्कर्षण के लिये उसे ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता हैं क्योंकि इससे अशुध्दियों वाष्पित हो जाती हैं जिससे धातु के यौगिक के अपचयन में सरलता होती हैं । | |
| 2. |
हेमेटाइट से लोहे के निष्कर्षण को ऑक्साइड का धातु में अपचयन (केवल रासायनिक समीकरण) के आधार पर समझाइए । |
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Answer» धातुमल क्षेत्र - इसका ताप `900^(@)C "से" 1200^(@)C` तक होती हैं - `CaCO_(3) to CaO + CO_(2) uarr` `CaCO_(3) + C to CaO + 2CO uarr` `CaO + SiO_(2) to CaSiO_(3)uarr` (धातुमल) |
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| 3. |
कैल्सियम की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए । |
| Answer» `Ca_(s) + 2H_(2)O_(l) to Ca(oH)_(2(aq)) + H_(2) uarr` | |
| 4. |
ऐल्युमिनियम धातु की जलवाष्प से क्रिया । इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण दीजिए । |
| Answer» `2Al_((s)) + 3H_(2)O_((g)) to Al_(2)O_(3(s) + 3H_(2) uarr` | |
| 5. |
कैल्सियम कॉर्बोनेट को गर्म करने पर क्रिया । इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण दीजिए । |
| Answer» `CaCO_(3)overset(Delta) to CaO + CO_(2)` | |
| 6. |
गालक को समझाइए । |
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Answer» गालक - वे पदार्थ जो अयस्क में उपस्थित गलनीय अशुध्दियों से उच्च ताप पर क्रिया करके गलनीय धातुमल बनाते हैं , गालक कहलाते हैं । गालक दो प्रकार के होते हैं - 1. अम्लीय गालक - सिलिका `(SiO_(2))` , बोरक्स (`Na_(2)B_(4)O_(7)*10H_(2)O`) आदि अम्लीय गालक हैं । 2. क्षारीय गालक - CaO तथा MgO आदि क्षारीय गालक हैं । |
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| 7. |
लोहे की जलवाष्प के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए । |
| Answer» `2Fe_(s) + 3H_(2)O_(g) to Fe_(2)O_(3)(s) + 3H_(2) uarr` | |
| 8. |
धात्विक ऑक्साइड से धातु के अपचयन की रासायनिक प्रक्रिया समझाइए । |
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Answer» अयस्कों के ऑक्साइड में परिवर्तन के पश्चात् धातुओं के ऑक्साइड का अपचयन किया जाता हैं । धातु ऑक्साइड को अपचायक तथा गालक के साथ मिलाकर गर्म किया जाता हैं तब धातु द्रव अवस्था में प्राप्त होती हैं । इस प्रक्रिया को प्रगलन (smelting) कहते हैं । गालक सरलता से न पिघलने वाले अशुध्दियों को हटाने में सहायता करते हैं । प्रगलन प्रक्रिया दो प्रकार से की जाती हैं - 1. कार्बन अपचयन विधि (Carbon reduction method ) - भर्जित निस्तापित अयस्क को कोक या कार्बन के साथ वात्या भट्टी (blast furnance ) में उच्च तापप `(700^(@)C - 1800^(@)C)` तक गर्म किया जाता हैं जिससे धातु अपचयित होकर पिघली अवस्था में प्राप्त होती हैं । 2. रासायनिक अपचयन विधि (Chemical reduction method) - सक्रियता श्रेणी में ऊपर स्थित धातु अपने से नीचे स्थित धातु को उसेक लवण के विलयन से विस्थापित कर देती हैं । इस सिध्दांत का उपयोग कर विस्थापन विधि व्दारा धातु को पृथक् किया जाता हैं । हमने पूर्व में देखा हैं कि कॉपर सल्फेट के विलयन में आयरन या जिंक चूर्ण डालने पर कॉपर अवक्षेपित हो जाता हैं । `CuSO_(4) + Fe to FeSO_(4) + Cu` `CuSO_(4) + Zn to ZnSO_(4) + Cu` |
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| 9. |
सोना और प्लैटिनम का उपयोग गहने बनाने में क्यों किया जाता हैं ? |
| Answer» सोना , प्लैटिनम , चाँदी उच्च ताप पर भी ऑक्सीजन से क्रिया नहीं करती हैं तथा कठोर व कम क्रियाशील होती हैं अतः इनका उपयोग गहने बनाने में करते हैं । | |
| 10. |
सोडियम की ऑक्सीजन से क्रिया । इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण दीजिए । |
| Answer» `4Na + O_(2) to underset ("सोडियम ऑक्साइड")(2 Na_(2)O)` | |
| 11. |
जिंक ऑक्साइड की सोडियम हाइड्रॉक्साइड से क्रिया। इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण दीजिए। |
| Answer» `ZnO + 2NaOH underset("सोडियम जिकेंट")(Na_(2)ZnO_(2)) + H_(2)O` | |
| 12. |
जंग लगने के नमी और ऑक्सीजन दोनों आवश्यक हैं । इसे एक क्रियाकलाप व्दारा समझाइए । |
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Answer» जंग लगने के लिए नमी और `O_(2)` दोनों आवश्यक हैं । क्रियाकलाप - (i) तीन परखनलियाँ लेकर उस पर A,B,C चिन्हित कर देते हैं । (ii) प्रत्येक परखनली में 3 - 4 आलपिन डाल देते हैं । अब परखनली A में इतना पानी डालते हैं कि आलपिन डूब जाये । परखनली B में गीली रुई फसा देते हैं । परखनली C में रखें आलपिन का ऐसे ही रहने देते हैं । (iii) अब तीनों परखनलियों के मुहँ पर गुब्बारा लगाकर वायुरोधी बनाते हैं तथा तीनों काो स्टैण्ड पर रखकर धूप में रख देते हैं । (iv) तीनों परखनलियों को देखने पर ज्ञात हुआ कि परखनली A में शीघ्रता से जंग लग गया हैं । अतः सिद्ध होता हैं लोहे पर जंग लगने पर ऑक्सीजन एंव नमी का होना आवश्यक हैं । |
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| 13. |
धातुमल को समझाइए । |
| Answer» धातुमल - प्रगलन की प्रक्रिया में गालक पदार्थ अशुध्दियों से मिलकर कम गलनांक वाले जो गलनीय पदार्थ बनाते हैं , उसे धातुमल कहा जाता हैं । लोहे के प्रगलन में कैल्सियम सिलिकेट (`CaSiO_(3)`) नामक धातुमल बनते हैं । | |
| 14. |
खनिज को समझाइए । |
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Answer» खनिज - धातुओं के वे यौगिक , जिसमें धातु की मात्रा बहुत कम होती हैं तथा पृथ्वी के अंदर मिट्टी व अन्य अशुध्दियों के साथ पाये जाते हैं , खनिज कहलाते हैं । खनिजों को धातु निष्कर्षण के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता । सभी खनिज अयस्क नहीं होते । उदाहरण - क्ले , अभ्रक आदि । |
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| 15. |
अयस्क को समझाइए । |
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Answer» अयस्क - धातुओं के वे यौगिक , जिनमें धातु की पर्याप्त मात्रा होती हैं , अयस्क कहलाते । अयस्क से धातुओं को शुद्ध रुप में आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं । सभी अयस्कों का उपयोग धातु निष्कर्षण के लिया किया जा सकता हैं । सभी अयस्क खनिज होते हैं । उदाहरण - हेमेटाइट , बॉक्साइट आदि । |
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| 16. |
गैल्वेनाइज़ेशन किसे कहते हैं ? |
| Answer» अधिक सक्रिय धातुओं का उपयोग करके धातु को संरक्षण से बचाया जा सकता हैं जिस गैल्वेनाइजेशन कहते हैं , जैसे - लोहे के ऊपर जिंक की परत चढ़ाना । | |
| 17. |
धातुकर्म किसे कहते हैं ? |
| Answer» धातुओं को उनके अयस्कों से स्वतंत्र और शुद्ध अवस्था में प्राप्त करने की प्रक्रिया को धातुकर्मीय या धातु का निष्कर्षण कहते हैं तथा इस प्रक्रिया में होने वाली अभिक्रियाएँ धातुकर्म कहलाती हैं । | |
| 18. |
अम्लराज किसे कहते हैं ? |
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Answer» 3 भाग सांद्र HCI तथा I भाग सांद्र `HNO_(3)` के मिश्रण को ही अम्लराज कहते हैं । सोना सिर्फ अम्लराज में घुलता हैं । `3HCI_((aq)) + HNO_(3_((aq)))rarr underset("नाइट्रोसील क्लोराइड") (NOCl_((g))) + underset("जल")(2H_(2)O_(l)) + underset ("क्लोरीन गैस" )(Cl_(2)(g))` |
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| 19. |
संक्षारण से बचने के विभिन्न उपायों को लिखिए । |
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Answer» संक्षारण से बचाव के उपाय - (i) धातुओं पर पेंट या ग्रीस लगाना चाहिए । (ii) धातुओं के ऊपर तेल की पर्त लगाना चाहिए । (iii) धातुओं पर दूसरी धातु की चद्दर या परत चढ़ाना चाहिए । |
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| 20. |
अयस्कों को कितने वर्गों में बाँटा जा सकता हैं ? प्रत्येक अयस्क के एक - एक उदाहरण भी सूत्र सहित लिखिए । |
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Answer» अयस्कों को मुख्यतः चार वर्गों में बाँटा जा सकता हैं - (i) ऑक्साइड अयस्क - हेमेटाइट (`Fe_(2)O_(3))` (ii) सल्फाइड अयस्क - गैलेना (PbS) (iii) कार्बोनेट अयस्क - डोलोमाइट (`MgCO_(3).CaCO_(3)`) (iv) हैलाइड अयस्क - हार्न सिल्वर (AgCI) |
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| 21. |
आयरन के ऑक्साइड अयस्कों के नाम तथा सूत्र लिखिए । |
| Answer» {:("अयस्क का नाम" , "सूत्र") , ("हेमेटाइट" , `Fe_(2)O_(3)`) , ("मैग्ननेटाइट" , `Fe_(3)O_(4)`):} | |
| 22. |
मिश्र धातुएँ क्यों बनायी जाती हैं ? |
| Answer» मिश्र धातु बनाने का मुख्य कारण धातु की गुणवत्ता बढ़ाना , उसे कठोर बनाना तथा धातु के गलनांक को कम करना हैं इसलिए मिश्र धातुएँ बनाई जाती हैं । | |
| 23. |
संक्षरण को प्रभावित करने वाले दो कारक लिखिए । |
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Answer» (i) धातुओं की सतह का खुरदरा तथा मुड़ा हुआ होना । (ii) अशुध्दियों की उपस्थिति । |
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| 24. |
स्टेनलेस स्टील की अवयवी धातुएँ हैं -A. कॉपर , जिंक तथा टिनB. आयरन , क्रोमियम तथा निकिलC. कॉपर , आयरन तथा जिंकD. आयरन , टिन तथा एल्युमिनियम । |
| Answer» Correct Answer - B | |
| 25. |
कांसा हैं -A. मिश्रधातुB. गैंगC. धातुमलD. गालक । |
| Answer» Correct Answer - A | |
| 26. |
निम्नलिखित धातुओं में से सबसे सक्रिय धातु हैं -A. mgB. AlC. NaD. Zn. |
| Answer» Correct Answer - C | |
| 27. |
पीतल किन धातुओं का मिश्रधातु हैं -A. तांबा , जिंकB. तांबा , टिनC. शीशा , टिनD. लोहा , कार्बन |
| Answer» Correct Answer - A | |
| 28. |
वात्याभट्टी में तापक्रम उच्च बनाए रखने हेतु कौन - सी अभिक्रियाएँ सहायक होती हैं ? |
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Answer» वात्याभट्टी में तापक्रम उच्च बनाये रखने हेतु ऑक्साइड अयस्क , कार्बन मोनो ऑक्साइड से क्रिया कर आयरन और कार्बन डाइ - ऑक्साइड बनाता हैं । यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया हैं । `Fe_(2)O_(3) + 3CO to 2Fe + 3CO_(2) uarr` |
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| 29. |
Na , K तथा Ca धातुओं को उनके यौगिकों से विद्युत अपघटन द्वारा प्राप्त किया जाता हैं , क्यों ? |
| Answer» अधिक शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए विद्युत अपघटन विधि का प्रय़ोग किया जाता हैं इसलिए Na , K तथा Ca धातुओं को उनके यौगिकों से इस विधि व्दारा प्राप्त किया जाता हैं । | |