Explore topic-wise InterviewSolutions in Current Affairs.

This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

वह कौन-सी घटना थी जिसके बारे में सुनने पर लेखिको को ने अपनी आँखों पर विश्वास हो पाया और न अपने कानों पर?

Answer»

लेखिका राजनैतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग ले रही थी। इस कारण लेखिका के कॉलेज की प्रिंसिपल ने उसके पिता के पास पत्र भेजा जिसमें अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की बात लिखी थी। यह पढ़कर पिता जी गुस्से में आ गए। कॉलेज की प्रिंसिपल ने जब बताया कि मन्नू के एक इशारे पर लड़कियाँ बाहर आ जाती हैं और नारे लगाती हुई प्रदर्शन करने लगती हैं तो पिता जी ने कहा कि यह तो देश की माँग है। वे हर्ष से गदगद होकर जब यही बात लेखिका की माँ को बता रहे थे तो इस बात पर लेखिका को विश्वास नहीं हो पाया।

2.

इंदौर में लेखिका के पिता खुशहाली के दिन जी रहे थे। लेखिका के पिता के खुशहाली भरे दिनों को स्पष्ट कीजिए।

Answer»

इंदौर में लेखिका के पिता की प्रतिष्ठा थी, नाम था और सम्मान था। वे कांग्रेस के साथ-साथ सुधार कार्यों से जुड़े थे। शिक्षा के नाम पर वे केवल उपदेश ही नहीं दिया करते थे बल्कि आठ-दस विद्यार्थियों को अपने घर पर रखकर पढ़ाया करते थे, जिनमें से कई आज अच्छे पदों पर हैं। वहाँ उनकी उदारता के चर्चे भी खूब प्रसिद्ध थे।

3.

मनुष्य के जीवन में आस-पड़ोस का बहुत महत्त्व होता है, परंतु महानगरों में रहने वाले लोग प्रायः ‘पड़ोस कल्चर से वंचित रह जाते हैं। इस बारे में अपने विचार लिखिए।

Answer»

मनुष्य के सामाजिक विकास में ‘पड़ोस कल्चर’ का विशेष योगदान होता है। यही पड़ोस कल्चर हमें उचित व्यवहार की सीख देता है जिससे हम सामाजिक मापदंड अपनाते हुए मर्यादित जीवन जीते हैं। यहीं से व्यक्ति में पारस्परिकता, सहयोग, सहानुभूति जैसे मूल्यों का पुष्पन-पल्लवन होता है। पड़ोस कल्चर के कारण अकेला व्यक्ति भी कभी अकेलेपन का शिकार नहीं हो पाता है। फ़्लैट कल्चर की संस्कृति के कारण लोग अपने फ्लैट तक ही सिमटकर रह गए हैं। वे पास-पड़ोस से विशेष अभिप्राय नहीं रखते हैं। लोगों में अत्मकेंद्रिता इस तरह बढ़ रही है कि उन्हें एक-दूसरे के सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं रह जा रहा है। इससे सामाजिक भावना एवं मानवीय मूल्यों को गहरा धक्का लग रहा है।

4.

लेखिका की अपने पिता से वैचारिक टकराहट को अपने शब्दों में लिखिए।

Answer»

लेखिका और उसके पिता के विचारों में कुछ समानता के साथ-साथ असमानता भी थी। लेखिका के पिता में विशिष्ट बनने और बनाने की चाह थी पर वे चाहते थे कि यह सब घर की चारदीवारी में रहकर हो, जो संभव नहीं था। वे नहीं चाहते। थे कि लेखिका सड़कों पर लड़कों के साथ हाथ उठा-उठाकर नारे लगाए, जुलूस निकालकर हड़ताल करे। दूसरी ओर लेखिका को अपनी घर की चारदीवारी तक सीमित आज़ादी पसंद नहीं थी। यही दोनों के मध्य टकराव का कारण था।

5.

लेखिका अपने भीतर अपने पिता को किन-किन रूपों में पाती है?

Answer»

लेखिका के व्यक्तित्व के विकास में उसके पिता का सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों रूपों में योगदान है। लेखिका आज अपने विश्वास को जो खंडित पाती है, उसकी व्यथा के नीचे उनके शक्की स्वभाव की झलक दिखाई पड़ती है। इसके अलावा उसके पिता जी उसके भीतर कुंठा के रूप में, प्रतिक्रिया के रूप में और कहीं प्रतिच्छाया के रूप में विद्यमान हैं।

6.

लेखिका द्वारा पढ़े गए उपन्यासों की सूची बनाइए और उन उपन्यासों को अपने पुस्तकालय में खोजिए।

Answer»

‘एक कहानी यह भी’ पाठ की लेखिका मन्नू भंडारी ने अपनी किशोरावस्था में निम्नलिखित उपन्यास पढ़े थे 

• शेखर एक जीवनी 

• सुनीता 

• नदी के द्वीप 

• चित्रलेखा 

• त्याग-पत्र

7.

लेखिका ने बचपन में अपने भाइयों के साथ गिल्ली डंडा तथा पतंग उड़ाने जैसे खेल भी खेले किंतु लड़की होने के कारण उनका दायरा घर की चारदीवारी तक सीमित था। क्या आज भी लड़कियों के लिए स्थितियाँ ऐसी ही हैं या बदल गई हैं, अपने परिवेश के आधार पर लिखिए।

Answer»

लेखिका के बचपन में लड़के-लड़कियाँ साथ खेलते थे परंतु दोनों की सीमाएँ अलग-अलग थीं। लड़कियों की आज़ादी घर की चारदीवारी तक ही सीमित थी पर लड़कों की घर के बाहर तक। लेखिका के बचपन अर्थात् वर्ष 1930 के आसपास का समय और आज के समय में परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल गई हैं। आज शहरी क्षेत्रों में लड़के-लड़कियों में भेद नहीं किया जाता है। वे पढ़ने-लिखने, खेलने-कूदने में लड़कों से पीछे नहीं हैं। उनका प्रदर्शन दिनों दिन निखर रहा है। कभी लड़कियों के लिए जो खेल निषिद्ध थे आज उनमें वे बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

8.

लेखिका को अपने वजूद का अहसास कब हुआ?

Answer»

अपने ही घर में लेखिका के व्यक्तित्व का सकारात्मक विकास उस समय शुरू हुआ जब उसकी बड़ी बहनों का विवाह हो गया और उसके भाई घर से बाहर अर्थात् कोलकाता पढ़ाई करने चले गए। अब पिता जी ने उसके व्यक्तित्व पर ध्यान देना शुरू किया। वे उसे रसोई में न भेजकर उन बैठकों में उठने-बैठने के लिए प्रोत्साहित करते जहाँ राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चाएँ होती थीं।

9.

लेखिका अपने ही घर में हीनभावना का शिकार क्यों हो गई ?

Answer»

लेखिका बचपन में काली, दुबली-पतली और मरियल-सी थी। इसके विपरीत उसकी दो साल बड़ी बहन सुशीला खूब गोरी, स्वस्थ और हँसमुख थी। लेखिका के पिता को गोरा रंग पसंद था। वे बात-बात में लेखिका की तुलना उसकी बहन से करते और उसे हीन सिद्ध करते। इससे लेखिका के मन में धीरे-धीरे हीनता की ग्रंथि पनपने लगी और वह हीन भावना का शिकार हो गई।

10.

लेखिका के पिता का स्वभाव शक्की क्यों हो गया था? इस शक का परिवार पर क्या असर पड़ रहा था?

Answer»

लेखिका के पिता का स्वभाव इसलिए शक्की हो गया था क्योंकि उन्होंने जिन लोगों पर आँख बंद करके भरोसा किया था उन्होंने उनके साथ विश्वासघात किया। इतना ही नहीं उनके अपनों ने भी उनके विश्वास पर चोट पहुँचाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि वे परिवार के सदस्यों को भी शक की दृष्टि से देखते थे और उनके क्रोध का शिकार परिवारवालो को होना पड़ता था।

11.

इस आत्मकथ्य में लेखिका के पिता ने रसोई को ‘भटियारखाना’ कहकर क्यों संबोधित किया है?

Answer»

इस आत्मकथ्य में लेखिका के पिता ने रसोई को ‘भटियारखाना’ कहकर इसलिए संबोधित किया है क्योंकि उसके पिता को मनना था कि रसोई में काम करने से लड़कियाँ चूल्हे-चौके तक सीमित रह जाती हैं। उनकी नैसर्गिक प्रतिभा उसी चूल्हे में जलकर नष्ट हो जाती है अर्थात् वह पुष्पित-पल्लवित नहीं हो पाती हैं।

12.

आखेटक ने राहुल के पिताजी से क्या माँगा?

Answer»

आखेटक ने राहुल के पिताजी से अपना शिकार माँगा।

13.

राहुल के उत्तर से उसके स्वभाव के विषय में क्या पता चलता है?

Answer»

राहुल के उत्तर से पता चलता है कि उसका स्वभाव निष्पक्ष, विचारशील और दयाभाव रखने वाला है।

14.

वर्ष 1947 में लेखिका को कौन-कौन सी खुशियाँ मिलीं? उसे कौन-सी खुशी सबसे महत्त्वपूर्ण लगी और क्यों?

Answer»

वर्ष 1947 में लेखिका को मुख्य रूप से दो खुशियाँ मिलीं। पहली थर्ड ईयर की कक्षाएँ शुरू करवाना, दूसरी उसका पुनः कॉलेज जाना और तीसरी देश को मिली आज़ादी। वर्ष 1947 में कॉलेज वालों ने थर्ड ईयर की कक्षाएँ बंद करके अनुशासनहीनता फैलाने वाली लड़कियों का कॉलेज में प्रवेश निषिद्ध कर दिया और शीला अग्रवाल को नोटिस थमा दिया, पर मन्नू और अन्य लड़कियों ने बाहर से इतना शोर मचाया कि उन्हें अगस्त में थर्ड ईयर की कक्षाएँ फिर शुरू करनी पड़ीं। इसके तुरंत बाद उसे सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण खुशी मिली के योंकि इसका इंतजार सारे देश को था।

15.

राहुल ने माँ से क्या आग्रह किया?

Answer»

राहुल ने माँ से एक कहानी सुनाने का आग्रह किया।

16.

चेटी ने राहुल को क्या बताया था?

Answer»

चेटी ने राहुल को बताया था कि तुम्हारी माँ तुम्हारी नानी की बेटी है।

17.

हंस को मारने वाले तथा बचाने वाले के बीच हुए विवाद का निर्णय राहुल ने क्या किया?

Answer»

हंस को मारने वाले तथा बचाने वाले के बीच हुए विवाद के निर्णय में राहुल ने कहा कि रक्षक ” भक्षक से महान होता है।

18.

राहुल को कहानी कैसी लगी?

Answer»

राहुल को कहानी अत्यंत करुणाभरी लगी।

19.

कहानी सुनाने के बाद माता ने राहुल से क्या प्रश्न किया?

Answer»

कहानी सुनाने के बाद माता ने राहुल से न्याय करने को कहा।

20.

माँ से कहानी सुनकर पुत्र ने क्या निर्णय सुनाया?

Answer»

पुत्र छोटा था, पर बुद्धिमान था। माँ से कहानी सुनकर उसे पक्षी के प्रति सहानुभूति उत्पन्न हुई। उसने कहा कि यदि कोई किसी निर्दोष को मारे तो दूसरा उसे क्यों न बचाए? न्याय में दया की भावना होनी चाहिए। इसलिए रक्षक (बचानेवाला) हमेशा भक्षक (मारनेवाले) से बड़ा होता है।

21.

यदि कुछ वर्षों तक बादल आये ही नहीं अर्थात् पानी बिलकुल न बरसे तो क्या-क्या समस्याएँ आ सकती हैं? सोचकर लिखिए।

Answer»

यदि कुछ वर्षों तक बादल न आए तो बारिश नहीं होगी। बारिश नहीं होने पर फसलें सूख जाएँगी, नदी-नाले कुएँ, तालाब, झील सब सूख जाएँगे। भयंकर अकाल की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। पशु-पक्षी मनुष्य सहित पेड़-पौधे सब पानी के अभाव में मरने लगेंगे।

22.

बादल की तुलना पाहुन से क्यों की गयी है?

Answer»

बादल पाहुन की तरह ही दो दिन रहकर चला जाता है; इसीलिए उसकी तुलना पाहुन से की गई है।

23.

आपने इन्द्रधनुष देखा होगा, सोचकर बताइए कि इन्द्रधनुष में कौन-कौन से रंग होते हैं तथा इन्द्रधनुष कैसे बनते हैं।

Answer»

इन्द्रधनुष में सात रंग होते हैं- हरा, नीला, पीला, नारंगी, बैंगनी, आसमानी और लाल। यह बरसात के दिनों में वायुमण्डलीय प्रक्रिया से बनता है।

24.

कहानी के अन्त में राहुल जो निर्णय देता है, क्या आप उससे सहमत हैं? यदि आप निर्णय देते तो किसका पक्ष लेते? क्यों?

Answer»

हाँ, राहुल ने जो निर्णय दिया है उससे मैं सहमत हूँ। यदि मैं निर्णय देता तो मैं भी रक्षा करने वाले का ही पक्ष लेता क्योंकि किसी की जान बचाना हमारा नैतिक कर्तव्य है।

25.

इनसे सम्बन्धित दोहों को उसी क्रम में लिखिए –(क) मधुर वाणी औषधि का काम करती है तथा कठोर वाणी तीर की तरह मन को बेध देती है।(ख) कोई भी कार्य समय पर ही होता है।(ग) अपने दुख को कहीं उजागर नहीं करना चाहिए।(घ) परोपकार करने वाले लोग प्रशंसनीय होते हैं।(ङ) दूसरे लोगों में बुराई देखना ठीक नहीं।

Answer»

(क) मधुर बचन है औषधि, कटुक बचन है तीर। सेवन द्वार हुवै संचरे, सालै सकल सरीर।

(ख) धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।

(ग) रहिमन निज मन की व्यथा, मन ही राखो जोय।
सुनी अटिलैहें लोग सब, बॉटि न लैहें कोय।।

(घ) वें रहीम नर धन्य हैं, पर उपकारी अंग।
बाँटनवारे को लगे, ज्यों मेंहदी को रंग।।

(ङ) बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय।।
जो दिल खोजा आपनो, मुझ-सा बुरा ना कोय ।।

26.

निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची लिखिए (लिखकर) –आकाश धरतीप्रभातबादल

Answer»
  • आकाश – नभ, गगन, अम्बर
  • धरती – धरा, वसुधा, पृथ्वी
  • प्रभात – सुबह, भोर, प्रातःकाल
  • बादल – मेघ, घन, जलधर
27.

आवाज़ का पर्याय क्या है?

Answer»

आवाज़ का पर्याय है ध्वनि, बोली, स्वर, भाषा।

28.

बादल कैसे बनते हैं?

Answer»

नदियों, झीलों, तालाबों और सागरों का पानी सूर्य की गरमी से भाप में बदल जाता है। यह भाप वाष्प के रूप में हवा से मिल नाता है। वाष्प मिली गर्म हवा हल्की हो ऊपर आसमान में चली जाती है। जब हवा से भरे वाष्प एक स्थान पर एकत्र होते हैं तो वे बादल का रूप ले लेते हैं।

29.

बताइए- आपको बादल कब-कब अच्छे लगते हैं, कब नहीं?

Answer»

बादल गर्मियों के मौसम मे बहुत अच्छे लगते हैं, खासकर तब जब धूप हो रही हो और आसमान पर काले-काले बादल अचानक से छा जाएँ और ठंडी-ठंडी हवाएँ चलने लगें। सर्दियों के मौसम में बादल अच्छे नहीं लगते क्योंकि वे सूरज को ढक लेते हैं और मौसम अधिक ठंडा हो जाता है।

30.

मोइना ने समिति वाली झोंपड़ी में रहने के लिए अपने साथ नेवला को ले जाने का क्या लाभ बताया?

Answer»

मोइना ने नेवले को ले जाने से होने वाले लाभ के बारे में बताया कि यह बहुत कम खाता है। और भयानक साँपों को दूर भगा देता है।

31.

शबर जाति के लोग आमतौर पर अपनी लड़कियों को काम पर नहीं भेजते, पर मोइना को काम पर जाना पड़ता था, क्यों?

Answer»

माँ के अपाहिज होने के कारण मोइना को काम पर जाना पड़ता था।

32.

मोइना का नाम ‘क्यों-क्यों लड़की’ क्यों पड़ा?

Answer»

मोइना सवाल बहुत पूछती थी तथा उससे कुछ भी कहने पर उसका सिर्फ एक ही जवाब होता था। क्यों? अतः उसका नाम ‘क्यों-क्यों लड़की पड़ गया।

33.

शिक्षा के माध्यम से समाज में व्याप्त गरीबी को कैसे दूर किया जा सकता है? इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।

Answer»

शिक्षा से मनुष्य का मानसिक विकास होता है शिक्षा के माध्यम से समाज में व्याप्त गरीबी को दूर किया जा सकता है। शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं अतः शिक्षा प्राप्ति के बाद रोजगार प्राप्त कर समाज में व्याप्त गरीबी को दूर किया जा सकता है।

34.

निम्नलिखित वाक्यांशों से एक शब्द बनाइए (शब्द बनाकर) –(क) लिखने वाला(ख) चिकित्सा करने वाला(ग) नृत्य करने वाला(घ) सेवा करने वाला(छ) पढ़ने वाला(च) पर्यटन करने वाला

Answer»

(क) लिखने वाला – लेखक
(ख) चिकित्सा करने वाला – चिकित्सक
(ग) नृत्य करने वाला – नर्तक
(घ) सेवा करने वाला – सेवक
(छ) पढ़ने वाला – पाठक
(च) पर्यटन करने वाला - पर्यटक

35.

बापू के किस गुण के कारण लोग उनकी ओर आकृष्ट होते थे –आलोचनाअनुशासनकठोरताप्रेम और सहानुभूति

Answer»

सही विकल्प है 4. प्रेम और सहानुभूति

36.

नीचे दिये गये मुम्नवरों का अर्थ स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए (प्रयोग करके) –टूट पड़नावाक्य प्रयोगदुम हिलानावाक्य प्रयोगदिल दुखानावाक्य प्रयोगनुक्ताचीनी करनावाक्य प्रयोगआग-बबूला होनावाक्य प्रयोगचुटकी लेनावाक्य प्रयोगदिमाग चढ़नावाक्य प्रयोग

Answer»
  • टूट पड़ना – हमला करना
  • वाक्य प्रयोग – एक कुत्ते को भौंकता देखकर बाकी सब कुत्ते उस पर टूट पड़े, जिससे वह घायल हो गया।
  • दुम हिलाना – खुशामद करना
  • वाक्य प्रयोग – मालिक को देखकर कुत्ते ने दुम हिलाना शुरू कर दिया।
  • दिल दुखाना – कष्ट पहुँचाना
  • वाक्य प्रयोग – किसी का भी दिल नहीं दुखाना चाहिए।
  • नुक्ताचीनी करना – दोष ढूँढ़ना
  • वाक्य प्रयोग – लोगों की नुक्ताचीनी करने पर मनुष्य स्वयं घृणा का पात्र बन जाता है।
  • आग-बबूला होना – नाराज होना
  • वाक्य प्रयोग – नौकर के घर चले जाने पर मालिक आग-बबूला हो गया।
  • चुटकी लेना – विनोद/मजाक करना
  • वाक्य प्रयोग – गाँधी जी मीठी चुटकी लेकर लोगों को हँसा देते थे।
  • दिमाग चढ़ना – घमण्ड होना
  • वाक्य प्रयोग – आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप क्या जीत गई, खिलाड़ियों के दिमाग चढ़ गए।
37.

इस पाठ में सरकार के किन-किन विभागों की चर्चा की गई है, और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाजा मिलता है।

Answer»

इस पाठ में सरकार के निम्नलिखित कई विभागों की चर्चा की गई है जैसे –

  • सर्वप्रथम : व्यापार-विभाग – इसका काम देश में होनेवाले व्यापार से संबंध रखता है।
  • द्वितीय : एग्रीकल्चर विभाग – इसका कार्य खेती से संबंध रखता है।
  • तृतीय : हॉर्टीकल्चर विभाग – यह विभाग उद्यानों की रखरखाव अथवा देखभाल से संबंध रखता है।
  • चतुर्थ : मेडिकल विभाग – इसका संबंध शल्य चिकित्सा, दबाई आदि से संबंध रखता है।
  • पाँचवाँ : कल्चरल विभाग – इसका संबंध कला या साहित्य से संबंध रखता है।
  • छठवौँ : फॉरेस्ट विभाग – इसका संबंध जंगल के पेड़ों व वनस्पति से संबंध रखता है।
  • सातवाँ : विदेश विभाग – इसका कार्य विदेशी राज्यों से संबंध बनाना है।

इस पाठ से यह पता चलता है कि किसी भी विभाग में संवेदना नहीं है। हरेक विभाग अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहता है। या यूँ कहें कि अपने फर्ज से बचना चाहता है। इतनी गंभीर और जानलेवा समस्या को सुलझाने में किसी विभाग को रस नहीं है।

38.

बेचारा जामुन का पेड़ कितना फलदार था।और इसकी जामुनें कितनी रसीली होती थी।क. ये संवाद कहानी के किस प्रसंग में आए हैं?ख. इससे लोगों की कैसी मानसिकता का पता चलता है ?

Answer»

क. ये संवाद कहानी के प्रथम प्रसंग में आए है। जब रात की आँधी में सेक्रेटेरियट के लॉन में खड़ा जामुन का पेड़ गिर गया और उस पेड़ के नीचे आदमी दब गया। सुबह जब माली ने उसे देखा तो फौरन ही यह जानकारी चपरासी को और चपरासी ने वहाँ के क्लर्को को दी। तभी वहाँ सब इकट्ठे हो गए। यह दृश्य देखकर सभी उस आदमी की मदद ना करके उस पेड़ के जामुन की प्रशंसा में एकदूसरे से वार्तालाप करते हैं। मगर उस आदमी की मदद करने की कोशिश कोई भी नहीं करता है।

ख. इससे लोगों के अंदर की स्वार्थ-भावना और हृदयहीनता का पता चलता है। जैसे कि सरकारी कर्मचारियों को उस जामुन के पेड़ से लाभ मिलता था। इसी कारणवश वे उस पेड़ के गिर जाने का दुःख व्यक्त करते हैं। मगर उन्हें किसी मासूम जीवित व्यक्ति के प्राणों की कोई चिन्ता नहीं।

39.

कबीर किसकी राह देखते हैं?

Answer»

कबीर भगवान राम की राह देखते हैं।

40.

‘जामुन का पेड़’ नामक पाठक का केन्द्रीय भाव स्पष्ट कीजिए।

Answer»

‘जामुन का पेड़’ कृश्नचंदर का एक प्रसिद्ध व्यंग्य है। व्यंग्य की अपनी विशेषता है कि इसमें समाज में व्याप्त विषमताओं-विसंगतियों को उभारने के लिए अतिशयोक्ति का सहारा लेना पड़ता है। बात को बढ़ा-चढ़ाकर अविश्वसनीयता की हद तक प्रस्तुत किया जाता है। प्रस्तुत पाठ में सरकारी कार्यालयों के काम करने के तौर-तरीकों पर प्रहार करना है। सरकारी बाबुओं की कामचोरी, उनका गैरजिम्मेदाराना रवैया, उनकी संवेदनशून्यता को उजागर करना भी इस पाठ का केन्द्रीय विषय है।

41.

दुःख में मनुष्य क्या करता है?

Answer»

दुःख में मनुष्य भगवान का स्मरण करता है।

42.

इस पाठ में निहित व्यंग्य को समझाइए।

Answer»

प्रस्तुत पाठ एक हास्य-व्यंग्य कथा है। इस व्यंग्यपूर्ण कथा के माध्यम से लेखक ने सरकारी तंत्रों में आपसी तालमेल की कमी, अपनी अपनी जबाबदारियों से भागने की वृत्ति, आम आदमी का हर हाल में शोषण करने की वृत्ति, अमानवीय व्यवहार तथा संवेदनहीनता पर करारा व्यंग्य किया गया है।

43.

मनचले क्लर्क से क्या आशय है ? वे अपने कार्य में सफल क्यों नहीं हुए ?

Answer»

मनचले क्लर्क से आशय यह है कि वे क्लर्क जो पेड़ के नीचे दबे आदमी की पीड़ा को समझकर तुरंत उसे बचाने के लिए तत्पर हो जाना चाहते थे। वे किसी के आदेश की परवाह नहीं करते। सरकारी अफसरों की नज़रों में वे लापरवाह, निरंकुश एवं अनुशासन हीन हैं। वे अपने कार्य (पेड़ के नीचे दबे आदमी को बचाना) में सफल नहीं हो पाये। कारण कि जैसे ही ये उसे बचाने के लिए उद्यत हुए कि एक सुपरिटेंडेंट फाइल लेकर आ धमकता है और कहता है कि यह समस्या या उत्तरदायित्व कृषि विभाग का है, हमारा नहीं। अतः वे चाहकर भी उस आदमी को बचा नहीं पाते।

44.

होर्टिकल्चर विभाग के जवाब के विषय में आपका क्या कहना है ?

Answer»

हार्टिकल्चर विभाग लकीर का फकीर है। यह सच है कि इस विभाग का काम वृक्षों रोपना और संरक्षण करना है, उन्हें काटना , नहीं। मगर गिरे हुए पेड़ के नीचे दबे हुए आदमी को पेड़ काटकर बचाने में क्या हर्ज है ? मगर इस विभाग के अधिकारी ‘पेड़ लगाओ अभियान’ की दुहाई देकर पेड़ काटने की अनुमति नहीं देते, वह भी तब जब कटे हुए पेड़ को कि जिसके नीचे दबा पड़ा आदमी अंतिम साँसें गिन रहा है !

45.

कृश्नचंदर का जन्म पंजाब के ………….. नामक गाँव में हुआ था।(A) हैदराबाद(B) वजीराबाद(C) बीजनौर(D) रामपुर

Answer»

सही विकल्प है (B) वजीराबाद

46.

कहानी में दो प्रसंग ऐसे हैं, जहाँ लोग पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं। ऐसा कब-कब होता है और लोगों का यह संकल्प दोनों बार किस-किस बजह से भंग होता है ?

Answer»

पहला प्रसंग :- पहली बार दबे आदमी को निकालने के लिए तैयार होने का प्रसंग कहानी के प्रारंभ में ही आता है। जब माली की सलाह पर यहाँ इकट्ठी भीड़ पेड़ हटा कर दबे हुए आदमी को बाहर निकालने के लिए तैयार हो जाती है किन्तु सुपरिटेंडेंट वहाँ आकर उन्हें रोक देता है तथा ऊपर के अधिकारियों से पूछने की बात करता है।

इस प्रकार से उन लोगों का संकल्प भंग हो जाता है। वे चाहकर भी पेड़ के नीचे दबे हुए आदमी को बचा नहीं पाते। दूसरा प्रसंग :- यह दूसरा प्रसंग दोपहर के भोजन के समय आता है। दबे हुए व्यक्ति को बाहर निकालने के लिए बनी फाइल आधे दिन तक सेक्रेटेरियट में घूमती रही, परंतु कोई फैसला न हो सका।

इसी बीच कुछ मनचले किस्म के सरकारी कर्मचारी (क्लर्क) सरकारी फैसले के इंतजार के बिना पेड़ को स्वयं हटा देना चाहते थे कि उसी समय सुपरिंटेंडेंट फाइल लेकर भागा-भागा आया और कहा कि हम खुद इस पेड़ को नहीं हटा सकते। यह पेड़ कृषि विभाग के अधीन है। वहाँ से जवाब आने पर पेड़ हटवा दिया जाएगा। इसी प्रकार दूसरी बार फाइल अन्य विभाग में भेजने के कारण लोगों का संकल्प भंग हो जाता है।

47.

कृश्नचंदर जी को …………. पुरस्कार से नवाजा गया।(A) साहित्य अकादमी(B) शिखर सम्मान(C) संस्थान सम्मान(D) श्रेष्ठ कवि

Answer»

सही विकल्प है (A) साहित्य अकादमी

48.

यदि आप माली की जगह पर होते, तो हुकूमत के फैसले का इंतजार करते या नहीं; अगर हाँ, तो क्यों ? और नहीं, तो क्यों?

Answer»

यदि मैं माली की जगह होता तो में हुकूमत के फैसले का इंतजार नहीं करता। मैं सबसे पहले अपने सहकर्मियों की मदद से उस दबे हुए व्यक्ति को सही सलामत और सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर उसका योग्य उपचार करवाता क्योंकि एक व्यक्ति के प्राणों से अधिक महत्त्वपूर्ण सरकारी कार्रवाई नहीं है। संकट के समय में मौके पर उपस्थित सरकारी कर्मचारी स्वयं ही निर्णय ले सकता है।

यदि मैं माली की जगह होता तो मेरी सहानुभूति दबे हुए व्यक्ति के साथ होती। क्योंकि इंसान की जिंदगी से बढ़कर और कुछ नहीं है। अपनी नजर के सामने तड़पते हुए आदमी को बचाना ही मनुष्य की प्रथम आवश्यकता, अनिवार्यता, दायित्व और धर्म होता है। यही कारण है कि आज-कल सरकार ने भी दुर्घटना में घायल या तड़पते हुए आदमी को बचानेवाले या अस्पताल पहुँचानेवाले आदमी को कानूनी दावपेच से मुक्त करने की पहल की है।

49.

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के आदमी वहाँ …………….. लेकर पहुँचते है।(A) आरी-फुल्हाड़ी(B) हथौड़ी(C) बुल्डोजर(D) ट्रक

Answer»

सही विकल्प है (A) आरी-कुल्हाड़ी

50.

सेक्रेटेरियेट के लॉन में ………… का पेड़ गिर पड़ा।(A) आम(B) जामुन(C) केला(D) बरगद

Answer»

सही विकल्प है (B) जामुन